{"_id":"6a67899eac2e7652610e69b0","slug":"gst-evasion-of-122-crore-by-setting-up-a-fake-firm-three-arrested-including-a-woman-bulandshahr-news-c-133-1-bul1033-161071-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: फर्जी फर्म बनाकर 1.22 करोड़ की जीएसटी चोरी, महिला समेत तीन गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: फर्जी फर्म बनाकर 1.22 करोड़ की जीएसटी चोरी, महिला समेत तीन गिरफ्तार
विज्ञापन
जीएसटी चोरी के गिरफ्तार आरोपी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुलंदशहर। फर्जी फर्म बनाकर 1.22 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में करीब छह माह पहले भी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। वहीं, मुख्य आरोपी फरार है। जिसकी गिरफ्तारी को पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने आरोपियों से लैपटाॅप, मोबाइल बरामद किया है।
एसपी क्राइम नरेश कुमार ने बताया कि जनवरी 2026 में जीएसटी विभाग ने जनपद की एक फर्जी फर्म के फर्जी बिलों के आधार पर 1.22 करोड़ की जीएसटी चोरी करने के जीएसटी उपायुक्त जयंत सिंह की शिकायत पर ककोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुख्यालय के निर्देश पर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने जांच के लिए एसपी क्राइम नरेश कुमार, जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर डा. शिव आसरे के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान ककोड़ की फर्जी फर्म तनु इंटरप्राइज का नाम प्रकाश में आया था। कार्रवाई करते हुए चोला क्षेत्र के गांव नगलाबंशी निवासी पवन, विवेक और उनकी महिला साथी तनु को 23 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
आरोपियों से पूछताछ के दौरान दिल्ली की एक अन्य फर्जी फर्म सनसाइन इंटरप्राइज का उनका सहयोग करना प्रकाश में आया था। सोमवार को एसआईटी की टीम ने सनसाइन इंटरप्राइज नाम से फर्म रजिस्टर कराने के आरोपी समर चौधरी निवासी मांडोली नोर्थ ईस्ट हाल निवासी गांव काजमपुर थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद, सुरेंद्र गांव काजमपुर थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद उनकी महिला साथी दीपा रघुवंशी निवासी स्वेता अपार्टमेंट सेक्टर दो राजेंद्र नगर गाजियाबाद को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, जीएसटी चोरी का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। आरोपियों से एक लैपटॉप, दो मोबाइल, एक खाली डिब्बा बरामद किया गया। बताया कि गिरफ्तार दोनों पुरुष आरोपी हाईस्कूल पास है। वहीं, महिला इंटरमीडिएट पास है। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
ऐसे की जीएसटी की चोरी
एसपी क्राइम नरेश कुमार ने बताया कि फर्जी फर्म सनसाइन इंटरप्राइज ने ककोड़ स्थित फर्जी फर्म तनु इंटरप्राइज को कुशल श्रमिक सप्लाई करने के फर्जी बिल बनाकर जीएसटी के क्लेम किया। वहीं, तनु इंटरप्राइज ने एके इंटरप्राइज को कुशल श्रमिक सप्लाई करने के फर्जी बिल बनाकर जीएसटी क्लेम किया था।
जीएसटी ने दोनों फर्जी कंपनियों के खाते में क्लेम की गई 1.22 करोड़ की जीएसटी ट्रांसफॉर्म की। एके इंटर प्राइज के बिलों से कम जीएसटी जमा करने पर जब जांच की गई तो तनु इंटरप्राइज, सनसाइन इंटरप्राइज के फर्जी बिलों के आधार पर 1.22 करोड़ रुपये की जीएसटी क्लेम लेने का मामला प्रकाश में आया।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि दोनों फर्जी फर्म के खाते में ट्रांसफर किए गए जीएसटी क्लेम के रुपयों को आरोपियों ने एटीएम और अन्य माध्यमों से खाते से निकाला।
विज्ञापन
एसपी क्राइम नरेश कुमार ने बताया कि जनवरी 2026 में जीएसटी विभाग ने जनपद की एक फर्जी फर्म के फर्जी बिलों के आधार पर 1.22 करोड़ की जीएसटी चोरी करने के जीएसटी उपायुक्त जयंत सिंह की शिकायत पर ककोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
मुख्यालय के निर्देश पर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने जांच के लिए एसपी क्राइम नरेश कुमार, जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर डा. शिव आसरे के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान ककोड़ की फर्जी फर्म तनु इंटरप्राइज का नाम प्रकाश में आया था। कार्रवाई करते हुए चोला क्षेत्र के गांव नगलाबंशी निवासी पवन, विवेक और उनकी महिला साथी तनु को 23 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
आरोपियों से पूछताछ के दौरान दिल्ली की एक अन्य फर्जी फर्म सनसाइन इंटरप्राइज का उनका सहयोग करना प्रकाश में आया था। सोमवार को एसआईटी की टीम ने सनसाइन इंटरप्राइज नाम से फर्म रजिस्टर कराने के आरोपी समर चौधरी निवासी मांडोली नोर्थ ईस्ट हाल निवासी गांव काजमपुर थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद, सुरेंद्र गांव काजमपुर थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद उनकी महिला साथी दीपा रघुवंशी निवासी स्वेता अपार्टमेंट सेक्टर दो राजेंद्र नगर गाजियाबाद को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, जीएसटी चोरी का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। आरोपियों से एक लैपटॉप, दो मोबाइल, एक खाली डिब्बा बरामद किया गया। बताया कि गिरफ्तार दोनों पुरुष आरोपी हाईस्कूल पास है। वहीं, महिला इंटरमीडिएट पास है। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
ऐसे की जीएसटी की चोरी
एसपी क्राइम नरेश कुमार ने बताया कि फर्जी फर्म सनसाइन इंटरप्राइज ने ककोड़ स्थित फर्जी फर्म तनु इंटरप्राइज को कुशल श्रमिक सप्लाई करने के फर्जी बिल बनाकर जीएसटी के क्लेम किया। वहीं, तनु इंटरप्राइज ने एके इंटरप्राइज को कुशल श्रमिक सप्लाई करने के फर्जी बिल बनाकर जीएसटी क्लेम किया था।
जीएसटी ने दोनों फर्जी कंपनियों के खाते में क्लेम की गई 1.22 करोड़ की जीएसटी ट्रांसफॉर्म की। एके इंटर प्राइज के बिलों से कम जीएसटी जमा करने पर जब जांच की गई तो तनु इंटरप्राइज, सनसाइन इंटरप्राइज के फर्जी बिलों के आधार पर 1.22 करोड़ रुपये की जीएसटी क्लेम लेने का मामला प्रकाश में आया।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि दोनों फर्जी फर्म के खाते में ट्रांसफर किए गए जीएसटी क्लेम के रुपयों को आरोपियों ने एटीएम और अन्य माध्यमों से खाते से निकाला।