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Bulandshahar News: 2434 स्थानों पर होगा होलिका दहन, 27 सेक्टरों में बंटा जिला
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बुलंदशहर। जिले में 2,434 स्थानों पर होलिका दहन होगा। ऐसे में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने प्लान तैयार किया है। मेरठ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने रेंज की समीक्षा बैठक के बाद बुलंदशहर पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। डीआईजी के आदेश के बाद निगरानी के लिए जिले को सात जोन और 27 सेक्टरों में बांटा गया है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी और पैदल गश्त का सिलसिला तेज हो गया है।
प्रत्येक जोन और सेक्टर में मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति या सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए सात क्विक रिस्पांस टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। डीआईजी ने निर्देश दिए हैं कि क्लस्टर मोबाइल में तैनात पुलिसकर्मी हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर और दंगारोधी उपकरणों से पूरी तरह लैस रहेंगे। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष जनपद में कुल 2434 स्थानों पर होलिका दहन किया जाना सुनिश्चित हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने इनमें से 114 स्थानों को बेहद संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया है। इसके साथ ही, जिले में निकलने वाली 10 प्रमुख शोभायात्राओं के रूटों का गहन निरीक्षण किया गया है। इन मार्गों पर 16 ऐसे फ्लैश पॉइंट चिह्नित किए गए हैं, जहां अतीत में छिटपुट विवाद हुए हैं। इन विवादित रूटों पर रूफटॉप ड्यूटी (छतों पर पुलिस की तैनाती) लगाई जा रही है और ड्रोन के जरिए छतों पर पत्थर या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की जांच की जा रही है।
मिश्रित आबादी पर डबल अलर्ट और समन्वय
इस वर्ष होली का उत्साह और रमजान की इबादत एक साथ होने के कारण पुलिस डबल अलर्ट मोड पर है। विशेष रूप से मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। थाना प्रभारियों को हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में धर्मगुरुओं और शांति समितियों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करें। डीआईजी ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि किसी भी सूरत में नई परंपरा की शुरुआत नहीं होने दी जाएगी। यदि किसी गैर-परंपरागत स्थान पर नई होलिका रखी गई या बिना अनुमति नया रूट अपनाया गया, तो संबंधित थानेदार और चौकी इंचार्ज की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हुड़दंगियों की सीधी जगह होगी जेल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के नाम पर अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सड़कों पर जबरन रंग डालने, कीचड़ उछालने या चलते वाहनों पर गुब्बारे फेंकने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। संदिग्ध तत्वों की सूची तैयार कर उन्हें पाबंद करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सोशल मीडिया सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट को फैलने से पहले ही रोका जा सके। आबकारी विभाग के साथ मिलकर अवैध शराब के अड्डों पर भी छापेमारी तेज कर दी गई है।
डीजे रजिस्टर अपडेट, कैमरों से कमांड
पुलिस ने तकनीकी सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है। डीआईजी के आदेश पर सभी थानों में डीजे रजिस्टर को अपडेट किया गया है। इसमें जनपद के सभी डीजे संचालकों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे कोई भी ऐसा गाना नहीं बजाएंगे जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों। शहर के मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले हॉटस्पॉट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कर उन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। ड्रोन कैमरों के जरिए संकरी गलियों और ऊंची छतों की निगरानी की जा रही है।
धर्मगुरुओं संग पुलिस का संवाद और रुटमार्च
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार धर्मगुरुओं से संपर्क कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने स्थानीय प्रभावशाली लोगों के साथ पैदल गश्त और रूट मार्च शुरू कर दिया है। पुलिस का उद्देश्य है कि दोनों समुदायों के बीच मेलजोल बना रहे। धर्मगुरुओं से अपील की गई है कि वे अपने-अपने स्तर पर शांति बनाए रखने का संदेश दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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प्रत्येक जोन और सेक्टर में मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति या सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए सात क्विक रिस्पांस टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। डीआईजी ने निर्देश दिए हैं कि क्लस्टर मोबाइल में तैनात पुलिसकर्मी हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर और दंगारोधी उपकरणों से पूरी तरह लैस रहेंगे। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष जनपद में कुल 2434 स्थानों पर होलिका दहन किया जाना सुनिश्चित हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने इनमें से 114 स्थानों को बेहद संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया है। इसके साथ ही, जिले में निकलने वाली 10 प्रमुख शोभायात्राओं के रूटों का गहन निरीक्षण किया गया है। इन मार्गों पर 16 ऐसे फ्लैश पॉइंट चिह्नित किए गए हैं, जहां अतीत में छिटपुट विवाद हुए हैं। इन विवादित रूटों पर रूफटॉप ड्यूटी (छतों पर पुलिस की तैनाती) लगाई जा रही है और ड्रोन के जरिए छतों पर पत्थर या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की जांच की जा रही है।
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मिश्रित आबादी पर डबल अलर्ट और समन्वय
इस वर्ष होली का उत्साह और रमजान की इबादत एक साथ होने के कारण पुलिस डबल अलर्ट मोड पर है। विशेष रूप से मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। थाना प्रभारियों को हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में धर्मगुरुओं और शांति समितियों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करें। डीआईजी ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि किसी भी सूरत में नई परंपरा की शुरुआत नहीं होने दी जाएगी। यदि किसी गैर-परंपरागत स्थान पर नई होलिका रखी गई या बिना अनुमति नया रूट अपनाया गया, तो संबंधित थानेदार और चौकी इंचार्ज की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हुड़दंगियों की सीधी जगह होगी जेल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के नाम पर अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सड़कों पर जबरन रंग डालने, कीचड़ उछालने या चलते वाहनों पर गुब्बारे फेंकने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। संदिग्ध तत्वों की सूची तैयार कर उन्हें पाबंद करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सोशल मीडिया सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट को फैलने से पहले ही रोका जा सके। आबकारी विभाग के साथ मिलकर अवैध शराब के अड्डों पर भी छापेमारी तेज कर दी गई है।
डीजे रजिस्टर अपडेट, कैमरों से कमांड
पुलिस ने तकनीकी सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है। डीआईजी के आदेश पर सभी थानों में डीजे रजिस्टर को अपडेट किया गया है। इसमें जनपद के सभी डीजे संचालकों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे कोई भी ऐसा गाना नहीं बजाएंगे जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों। शहर के मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले हॉटस्पॉट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कर उन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। ड्रोन कैमरों के जरिए संकरी गलियों और ऊंची छतों की निगरानी की जा रही है।
धर्मगुरुओं संग पुलिस का संवाद और रुटमार्च
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार धर्मगुरुओं से संपर्क कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने स्थानीय प्रभावशाली लोगों के साथ पैदल गश्त और रूट मार्च शुरू कर दिया है। पुलिस का उद्देश्य है कि दोनों समुदायों के बीच मेलजोल बना रहे। धर्मगुरुओं से अपील की गई है कि वे अपने-अपने स्तर पर शांति बनाए रखने का संदेश दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
