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Bulandshahar News: अब सालभर होगी पढ़ाई की पड़ताल, तीन चरणों में होंगे टेस्ट
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बुलंदशहर/जहांगीराबाद। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नए शैक्षिक सत्र से परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करते हुए कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों के लिए सालभर मूल्यांकन की नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब विद्यार्थियों को केवल वार्षिक परीक्षा पर निर्भर नहीं रहना होगा, बल्कि हर तीन माह में अनिवार्य रूप से यूनिट टेस्ट देना पड़ेगा। इस क्रम में पहला यूनिट टेस्ट जुलाई के दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में यह प्रणाली लागू होगी। यूनिट टेस्ट में बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। जिससे छात्रों की तार्किक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की योग्यता का आकलन किया जा सके। इसके साथ ही नियमित परीक्षा के माध्यम से छात्रों का समय-समय पर मूल्यांकन भी संभव हो सकेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयार करना है। स्कूलों को समयबद्ध तरीके से पाठ्यक्रम पूरा कराने और नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार छात्रों को अभ्यास कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बताया कि इस प्रणाली से छात्रों में परीक्षा का दबाव कम होगा, क्योंकि पूरे साल छोटे-छोटे चरणों में मूल्यांकन होगा। इससे अंतिम परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना भी बढ़ेगी।
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ये है नया परीक्षा पैटर्न
▪ कक्षा 9 से 12 तक लागू होगी व्यवस्था
▪ हर तीन माह में अनिवार्य यूनिट टेस्ट
▪ पहला टेस्ट जुलाई के दूसरे सप्ताह में
▪ बहुविकल्पीय प्रश्नों पर विशेष जोर
▪ नियमित मूल्यांकन से पढ़ाई में निरंतरता
▪ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक
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नई व्यवस्था के तहत जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में यह प्रणाली लागू होगी। यूनिट टेस्ट में बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। जिससे छात्रों की तार्किक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की योग्यता का आकलन किया जा सके। इसके साथ ही नियमित परीक्षा के माध्यम से छात्रों का समय-समय पर मूल्यांकन भी संभव हो सकेगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयार करना है। स्कूलों को समयबद्ध तरीके से पाठ्यक्रम पूरा कराने और नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार छात्रों को अभ्यास कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बताया कि इस प्रणाली से छात्रों में परीक्षा का दबाव कम होगा, क्योंकि पूरे साल छोटे-छोटे चरणों में मूल्यांकन होगा। इससे अंतिम परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना भी बढ़ेगी।
ये है नया परीक्षा पैटर्न
▪ कक्षा 9 से 12 तक लागू होगी व्यवस्था
▪ हर तीन माह में अनिवार्य यूनिट टेस्ट
▪ पहला टेस्ट जुलाई के दूसरे सप्ताह में
▪ बहुविकल्पीय प्रश्नों पर विशेष जोर
▪ नियमित मूल्यांकन से पढ़ाई में निरंतरता
▪ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक

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