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आरटीई: चयनित 3025 छात्र-छात्राओं को मिला निजी स्कूलों में प्रवेश
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बुलंदशहर। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत जिले में तीन लाॅटरी के माध्यम से 7140 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ। इनमें से अभी तक 3025 विद्यार्थियों को आवंटित किए गए निजी स्कूलों में प्रवेश मिल गया है। 12 मार्च तक शेष बचे 4012 छात्र-छात्राओं का प्रवेश संबंधित निजी स्कूलों में करा दिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि आरटीई के तहत चयनित बच्चों को शासन की तरफ से निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। उन्हें कॉपी-किताब, यूनिफार्म आदि के लिए अभिभावकों के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की धनराशि भेजी जाती है। इसके साथ ही निजी विद्यालयों को प्रति 450 रुपये महीने के हिसाब से फीस का भुगतान किया जाता है। फीस विद्यालय संचालक के खाते में भेजी जाती है।
बताया कि जिले में इस बार तीन लॉटरी के माध्यम से 7140 छात्र-छात्राओं का चयन निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए किया गया। पहले चरण में 3761, दूसरे चरण में 1584 और तीसरे चरण में 1795 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ। इन सभी के प्रवेश कराने के लिए स्कूल आवंटित कर दिए गए। अभी तक इनमें से 3025 छात्र-छात्राओं का निजी स्कूलों में प्रवेश हो चुका है। बताया कि शासन की आरे से प्रवेश कराने के लिए 12 मार्च तक का समय दिया गया है। इस निर्धारित समय तक सभी बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करा दिया जाएगा।
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स्कूल बदलवाने के लिए बीएसए कार्यालय पहुंच रहे अभिभावक
शिक्षा के अधिकार के तहत चयनित छात्र-छात्राओं के अभिभावक बच्चों का स्कूल बदलने के लिए भी बीएसए कार्यालय पहुंच रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि यह अभिभावक नामचीन स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की बात कर रहे हैं। इसलिए वह स्कूल बदलवाना चाहते हैं। जबकि अब ऐसा नहीं हो सकता है। वह ऐसे अभिभावकों को समझा रहे हैं कि जिस स्कूल में उनके बच्चे का नाम प्रवेश होना है, उसी में कराए। साथ ही संबंधित स्कूल से बात कर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कहा जा रहा है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि आरटीई के तहत चयनित बच्चों को शासन की तरफ से निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। उन्हें कॉपी-किताब, यूनिफार्म आदि के लिए अभिभावकों के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की धनराशि भेजी जाती है। इसके साथ ही निजी विद्यालयों को प्रति 450 रुपये महीने के हिसाब से फीस का भुगतान किया जाता है। फीस विद्यालय संचालक के खाते में भेजी जाती है।
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बताया कि जिले में इस बार तीन लॉटरी के माध्यम से 7140 छात्र-छात्राओं का चयन निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए किया गया। पहले चरण में 3761, दूसरे चरण में 1584 और तीसरे चरण में 1795 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ। इन सभी के प्रवेश कराने के लिए स्कूल आवंटित कर दिए गए। अभी तक इनमें से 3025 छात्र-छात्राओं का निजी स्कूलों में प्रवेश हो चुका है। बताया कि शासन की आरे से प्रवेश कराने के लिए 12 मार्च तक का समय दिया गया है। इस निर्धारित समय तक सभी बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करा दिया जाएगा।
स्कूल बदलवाने के लिए बीएसए कार्यालय पहुंच रहे अभिभावक
शिक्षा के अधिकार के तहत चयनित छात्र-छात्राओं के अभिभावक बच्चों का स्कूल बदलने के लिए भी बीएसए कार्यालय पहुंच रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि यह अभिभावक नामचीन स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की बात कर रहे हैं। इसलिए वह स्कूल बदलवाना चाहते हैं। जबकि अब ऐसा नहीं हो सकता है। वह ऐसे अभिभावकों को समझा रहे हैं कि जिस स्कूल में उनके बच्चे का नाम प्रवेश होना है, उसी में कराए। साथ ही संबंधित स्कूल से बात कर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कहा जा रहा है।