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Bulandshahar News: गंगा के जलस्तर में कुछ गिरावट, अहार में बही सड़क, नरौरा में जल स्थिर
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अनूपशहर में घाट से उतरा गंगा का जलस्तर। संवाद
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अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा के जलस्तर में कुछ गिरावट आई है। अहार में एक सड़क बह गई। वहीं, अनूपशहर में घाट से पानी वापस होने पर आरती स्थल पर कीचड़ व गाद जमा हो गई। नरौरा बैराज पर पानी स्थिर है। रविवार की सुबह बिजनौर बैराज से 1,25,061 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है।
गंगा के जलस्तर में गिरावट आने से तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। अनूपशहर जाह्नवी द्वार आरती स्थल तक चढ़ा पानी अब वापस गंगा नदी में लौट चुका है। हालांकि, पानी उतरते ही पूरे आरती स्थल और घाटों पर कीचड़ और गाद जमा हो गई है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है। रविवार सुबह 8 बजे बिजनौर बैराज से 1,25,061 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह शुक्रवार रात को छोड़े गए 2.14 लाख क्यूसेक पानी के मुकाबले 89 हजार क्यूसेक कम है। बैराज से पानी का डिस्चार्ज घटने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा टल गया है। जल स्तर घटने के बाद आरती स्थल पर जमा गाद को हटाने के लिए तुरंत सफाई अभियान चलाने की मांग उठ रही है। इससे कांवड़ लेने आ रहे शिवभक्तों को साफ सुथरा प्लेटफार्म मिल सके और दैनिक गंगा आरती बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
अहार में इस समय पानी कम हो गया लेकिन घाट को जाने वाला मार्ग पानी की जद में आकर बह गया। इसके चलते मार्ग पर दीवार बना दी है ताकि शेष मार्ग को बचाया जा सके। साथ ही यहां पर सुरक्षा की दृष्टिगत पुलिस तैनात कर दी है। गंगा किनारे से पानी के हैंडपंप हटा दिए और साधु-संतों ने भी अपनी झोपड़ी गंगा किनारे से हटाकर गंगा से दूर खादर में बना ली है। नरौरा गंगा बैराज पर गंगा नदी का जलस्तर विगत 24 घंटे से स्थिर बना हुआ है। जलस्तर खतरे के निशान से 39.5 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है।
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बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में एक लाख 72,721 क्यूसेक पानी की निकासी प्रति सेकंड की जा रही है। बैराज से गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में ढाई लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने पर जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है। सिंचाई विभाग के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि रविवार को सुबह गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में एक लाख 72 हजार 721 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में क्रमश 7270 व 7432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बढ़ रहे जल स्तर के स्थिर हो जाने पर अधिकारियों व तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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गंगा के जलस्तर में गिरावट आने से तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। अनूपशहर जाह्नवी द्वार आरती स्थल तक चढ़ा पानी अब वापस गंगा नदी में लौट चुका है। हालांकि, पानी उतरते ही पूरे आरती स्थल और घाटों पर कीचड़ और गाद जमा हो गई है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है। रविवार सुबह 8 बजे बिजनौर बैराज से 1,25,061 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह शुक्रवार रात को छोड़े गए 2.14 लाख क्यूसेक पानी के मुकाबले 89 हजार क्यूसेक कम है। बैराज से पानी का डिस्चार्ज घटने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा टल गया है। जल स्तर घटने के बाद आरती स्थल पर जमा गाद को हटाने के लिए तुरंत सफाई अभियान चलाने की मांग उठ रही है। इससे कांवड़ लेने आ रहे शिवभक्तों को साफ सुथरा प्लेटफार्म मिल सके और दैनिक गंगा आरती बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
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अहार में इस समय पानी कम हो गया लेकिन घाट को जाने वाला मार्ग पानी की जद में आकर बह गया। इसके चलते मार्ग पर दीवार बना दी है ताकि शेष मार्ग को बचाया जा सके। साथ ही यहां पर सुरक्षा की दृष्टिगत पुलिस तैनात कर दी है। गंगा किनारे से पानी के हैंडपंप हटा दिए और साधु-संतों ने भी अपनी झोपड़ी गंगा किनारे से हटाकर गंगा से दूर खादर में बना ली है। नरौरा गंगा बैराज पर गंगा नदी का जलस्तर विगत 24 घंटे से स्थिर बना हुआ है। जलस्तर खतरे के निशान से 39.5 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है।
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बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में एक लाख 72,721 क्यूसेक पानी की निकासी प्रति सेकंड की जा रही है। बैराज से गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में ढाई लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने पर जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है। सिंचाई विभाग के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि रविवार को सुबह गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में एक लाख 72 हजार 721 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में क्रमश 7270 व 7432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बढ़ रहे जल स्तर के स्थिर हो जाने पर अधिकारियों व तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।