सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Three held for GST evasion of Rs 1.22 crore

Bulandshahar News: 1.22 करोड़ की जीएसटी चोरी में तीन पकड़े

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 10:39 PM IST
विज्ञापन
Three held for GST evasion of Rs 1.22 crore
एसआईटी और चोला पुलिस द्वारा गिरफ्तार जीएसटी चोरी के आरोपी। स्रोत : पुलिस
विज्ञापन
बुलंदशहर। एसआईटी और थाना चोला पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी फर्म के जरिए करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में दो युवकों और एक युवती को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फर्जी रेंट डीड और दस्तावेज के आधार पर तनु एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी बनाकर सरकार को करोड़ों के राजस्व नुकसान पहुंचाया है।
Trending Videos

अपर पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी और साइबर क्राइम सेल पिछले काफी समय से संदिग्ध जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों की निगरानी कर रही थी। छानबीन के दौरान थाना ककोड़ क्षेत्र के जेवर रोड पर संचालित तनु एंटरप्राइजेज की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस टीम ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार की रात नंगलाबंशी अंडरपास के पास से पवन भाटी और विवेक शर्मा को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुक्रवार को गिरोह की तीसरी सदस्य कुमारी तनु को गांव गांगरौल से गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने ककोड़ क्षेत्र में पहले से पंजीकृत एक दुकान एम/एस के2 ऑटो नेशन के पते का दुरुपयोग किया। शातिरों ने दुकान मालिक के फर्जी हस्ताक्षर कर एक जाली रेंट डीड तैयार की। इसी फर्जी रेंट डीड के आधार पर जीएसटी पोर्टल पर तनु एंटरप्राइजेज का पंजीकरण कराया गया। गिरोह ने बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के केवल कागजों पर इनवर्ड सप्लाई दिखाई।
इस फर्जीवाड़े के जरिए उन्होंने कुल 1,21,85,878.36 की बोगस आईटीसी क्लेम कर ली। आरोपियों से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स एक लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, दो सीपीयू, एक प्रिंटर, एक आईपैड (एप्पल) और एक वाईफाई राउटर, तीन मोबाइल फोन, बैंक से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और एक बैग बरामद किया है। पकड़े गए अभियुक्तों में पवन भाटी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वर्तमान में इन तीनों के खिलाफ थाना ककोड़ में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है। विवेचना के दौरान कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जो इस सिंडिकेट को चलाने में मदद कर रहे थे। पुलिस उन साक्ष्यों को जुटा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed