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Chandauli News: नए सत्र से पहले आई चार लाख किताबों की खेप
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संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। जिले में अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां तेज हो गई हैं। सत्र शुरू होने से पहले ही शिक्षा विभाग को करीब चार लाख पुस्तकों की खेप मिल गई है।
इस बार किताबें बीआरसी के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे विद्यालयों में भेजी जाएंगी। ऐसे में सत्र के पहले ही दिन छात्र-छात्राओं को किताबें मिल जाएंगी।
जिले में कुल 1185 प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय हैं, जिनमें एक लाख 70 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हर वर्ष शासन की ओर से बच्चों को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस बार शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से एनसीईआरटी की किताबें कक्षा चार तक लागू कर दी गई हैं। अगले सत्र में कक्षा पांच तक एनसीईआरटी की किताबें लागू किए जाने की योजना है।
शिक्षा विभाग की ओर से जनवरी से पहले ही कक्षा एक से आठ तक के विभिन्न विषयों की करीब 11 लाख से अधिक किताबों की मांग शासन को भेजी गई थी।
इसके सापेक्ष अब तक लगभग 40 प्रतिशत यानी चार लाख से अधिक किताबें जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष किताबें भी एक सप्ताह के भीतर आ जाएंगी। इसके बाद पुस्तकों का सत्यापन कर उन्हें संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
पहले किताबें बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) पर आती थीं, जहां से शिक्षक उन्हें अपने-अपने विद्यालयों तक ले जाते थे। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था और विद्यार्थियों को किताबें देर से मिलती थीं। अब सीधे विद्यालयों को किताबें भेजी जाएंगी।
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इस बार किताबें बीआरसी के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे विद्यालयों में भेजी जाएंगी। ऐसे में सत्र के पहले ही दिन छात्र-छात्राओं को किताबें मिल जाएंगी।
जिले में कुल 1185 प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय हैं, जिनमें एक लाख 70 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हर वर्ष शासन की ओर से बच्चों को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं।
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इस बार शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से एनसीईआरटी की किताबें कक्षा चार तक लागू कर दी गई हैं। अगले सत्र में कक्षा पांच तक एनसीईआरटी की किताबें लागू किए जाने की योजना है।
शिक्षा विभाग की ओर से जनवरी से पहले ही कक्षा एक से आठ तक के विभिन्न विषयों की करीब 11 लाख से अधिक किताबों की मांग शासन को भेजी गई थी।
इसके सापेक्ष अब तक लगभग 40 प्रतिशत यानी चार लाख से अधिक किताबें जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष किताबें भी एक सप्ताह के भीतर आ जाएंगी। इसके बाद पुस्तकों का सत्यापन कर उन्हें संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
पहले किताबें बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) पर आती थीं, जहां से शिक्षक उन्हें अपने-अपने विद्यालयों तक ले जाते थे। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था और विद्यार्थियों को किताबें देर से मिलती थीं। अब सीधे विद्यालयों को किताबें भेजी जाएंगी।
