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Chandauli News: सड़क हादसे में घायलों का 25 निजी अस्पतालों में होगा मुफ्त इलाज
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पीडीडीयू नगर। सड़क दुर्घटना में घायल होने वालों का जिले के 25 निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होगा। इसके लिए हाईवे किनारे स्थित अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। साथ ही निजी और सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा कर्मियों ट्रेनिंग भी दी जा रही है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के आने पर किन औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।
पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार चंदौली जिले में वर्ष 2025 में 246 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। इन हादसों में 177 लोगों की मौत हुई थी और 180 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई घायलों की मौत हो जाती है। ऐसे में शासन की ओर से सड़क हादसों में घायलों के लिए निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। यह योजना सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए शुरू की गई है।
एआरटीओ प्रशासन डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने पर पीड़ित को तुरंत भर्ती कर टीएमएस पोर्टल पर उसकी आईडी बनाई जाएगी, जिसकी सूचना संबंधित थाना प्रभारी की ई-डार आईडी भेजी पर जाएगी। इसके बाद पुलिस अधिकारी दुर्घटना की जांच कर 24 घंटे के भीतर एक्सीडेंट आईडी (विक्टिम आईडी) जनरेट कर अस्पताल को अप्रूवल देगा।
अत्यंत गंभीर मामलों में सत्यापन के लिए 48 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। वहीं, सीएमओ डॉ. वाईके राय ने बताया कि शासन की योजना के तहत जिले में 25 अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। इसमें ज्यादातर अस्पताल हाईवे के किनारे हैं। हड्डी के इलाज से संबंधित अस्पतालों को प्राथमिकता दी गई है।
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पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार चंदौली जिले में वर्ष 2025 में 246 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। इन हादसों में 177 लोगों की मौत हुई थी और 180 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई घायलों की मौत हो जाती है। ऐसे में शासन की ओर से सड़क हादसों में घायलों के लिए निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। यह योजना सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए शुरू की गई है।
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एआरटीओ प्रशासन डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने पर पीड़ित को तुरंत भर्ती कर टीएमएस पोर्टल पर उसकी आईडी बनाई जाएगी, जिसकी सूचना संबंधित थाना प्रभारी की ई-डार आईडी भेजी पर जाएगी। इसके बाद पुलिस अधिकारी दुर्घटना की जांच कर 24 घंटे के भीतर एक्सीडेंट आईडी (विक्टिम आईडी) जनरेट कर अस्पताल को अप्रूवल देगा।
अत्यंत गंभीर मामलों में सत्यापन के लिए 48 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। वहीं, सीएमओ डॉ. वाईके राय ने बताया कि शासन की योजना के तहत जिले में 25 अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। इसमें ज्यादातर अस्पताल हाईवे के किनारे हैं। हड्डी के इलाज से संबंधित अस्पतालों को प्राथमिकता दी गई है।
