{"_id":"6a3d8f16999b6a8954091530","slug":"allegation-prescribed-medicines-from-outside-upon-a-complaint-of-stomach-pain-chandauli-news-c-192-1-mrz1001-156067-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोप : पेट दर्द की शिकायत पर 700 रुपये की लिख दीं दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोप : पेट दर्द की शिकायत पर 700 रुपये की लिख दीं दवाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पटेहरा में मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं लिखे जाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची एक महिला की बेटी के लिए चिकित्सक ने करीब 700 रुपये की दवाएं लिख दीं। आर्थिक तंगी के कारण महिला दवा नहीं खरीद सकी और उसे वापस लौटाना पड़ा।
सिरसी गांव निवासी सुषमा ने बताया कि उनकी बेटी ज्योति के पेट में दर्द की शिकायत थी। बृहस्पतिवार को वह दूसरे की बाइक में करीब 150 रुपये का पेट्रोल डलवाकर पीएचसी पटेहरा पहुंचीं।
यहां एक रुपये की पर्ची कटवाने के बाद ओपीडी में बैठे चिकित्सक ने सादे पर्चे पर बाहर की दवाएं लिख दीं।
अस्पताल के पास स्थित मेडिकल स्टोर पर दवा दिखाने पर एक प्रोटीन पाउडर और एक विटामिन सिरप की कीमत करीब 700 रुपये बताई गई। पैसे की कमी बताने पर वह दोबारा चिकित्सक के पास पहुंचीं, जहां एक दवा कम कर दी गई।
विज्ञापन
इसके बाद भी दवा की कीमत लगभग 400 रुपये थी। घर लौटने के लिए पैसे न बचने के कारण उन्होंने वह दवा भी वापस कर दी और अस्पताल से मिली कुछ गोलियां लेकर घर चली गईं।
मरीजों का आरोप है कि पीएचसी में प्रतिदिन 30 से 40 मरीजों को प्रोटीन पाउडर और विटामिन सिरप जैसी बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं।
इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉ. महेंद्र चौधरी ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। बाहर की दवा लिखना गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कहीं अनियमितता पाई गई तो उस पर रोक लगाई जाएगी।
विज्ञापन
आरोप है कि पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची एक महिला की बेटी के लिए चिकित्सक ने करीब 700 रुपये की दवाएं लिख दीं। आर्थिक तंगी के कारण महिला दवा नहीं खरीद सकी और उसे वापस लौटाना पड़ा।
सिरसी गांव निवासी सुषमा ने बताया कि उनकी बेटी ज्योति के पेट में दर्द की शिकायत थी। बृहस्पतिवार को वह दूसरे की बाइक में करीब 150 रुपये का पेट्रोल डलवाकर पीएचसी पटेहरा पहुंचीं।
विज्ञापन
यहां एक रुपये की पर्ची कटवाने के बाद ओपीडी में बैठे चिकित्सक ने सादे पर्चे पर बाहर की दवाएं लिख दीं।
अस्पताल के पास स्थित मेडिकल स्टोर पर दवा दिखाने पर एक प्रोटीन पाउडर और एक विटामिन सिरप की कीमत करीब 700 रुपये बताई गई। पैसे की कमी बताने पर वह दोबारा चिकित्सक के पास पहुंचीं, जहां एक दवा कम कर दी गई।
विज्ञापन
इसके बाद भी दवा की कीमत लगभग 400 रुपये थी। घर लौटने के लिए पैसे न बचने के कारण उन्होंने वह दवा भी वापस कर दी और अस्पताल से मिली कुछ गोलियां लेकर घर चली गईं।
मरीजों का आरोप है कि पीएचसी में प्रतिदिन 30 से 40 मरीजों को प्रोटीन पाउडर और विटामिन सिरप जैसी बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं।
इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉ. महेंद्र चौधरी ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। बाहर की दवा लिखना गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कहीं अनियमितता पाई गई तो उस पर रोक लगाई जाएगी।