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Chandauli News: डेढ़ महीने पहले बनी नहर में पानी छोड़ते ही आई गई दरार
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इलिया में बेन रजवाहा आदर्श नहर की साइड वॉल बैठी। संवाद
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क्षेत्र में बन रही बेन रजबाहा आदर्श नहर परियोजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है।
बटोवा फाल के समीप पश्चिमी पटरी पर करीब डेढ़ माह पूर्व निर्मित साइड वॉल में नहर में पानी छोड़े जाने के बाद दरारें आने और उसके झुकने की शिकायत सामने आई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
किसान विकास मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि साइड वॉल का निर्माण कराने वाली कंपनी ने मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का प्रयोग किया है। किसानों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही साइड वॉल की नींव कम खोदे जाने और गुणवत्ता खराब होने की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
सोमवार को किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और मंत्री सुरेश मौर्य ने मौके का निरीक्षण किया तो साइड वॉल नीचे की ओर झुकी मिली। उन्होंने कहा कि अभी नहर में पानी का दबाव सामान्य से काफी कम है। यदि नहर पूरी क्षमता से संचालित हुई तो क्षति और बढ़ सकती है।
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उन्होंने दोषपूर्ण साइड वॉल को पूरी तरह ध्वस्त कर मानक के अनुरूप दोबारा निर्माण कराने और निर्माण एजेंसी का भुगतान रोके जाने की मांग की है। मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता हरेंद्र राय ने बताया कि पानी चालू होते ही साइड वॉल बैठ जाने की जानकारी मिली है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बटोवा फाल के समीप पश्चिमी पटरी पर करीब डेढ़ माह पूर्व निर्मित साइड वॉल में नहर में पानी छोड़े जाने के बाद दरारें आने और उसके झुकने की शिकायत सामने आई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
किसान विकास मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि साइड वॉल का निर्माण कराने वाली कंपनी ने मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का प्रयोग किया है। किसानों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही साइड वॉल की नींव कम खोदे जाने और गुणवत्ता खराब होने की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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सोमवार को किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और मंत्री सुरेश मौर्य ने मौके का निरीक्षण किया तो साइड वॉल नीचे की ओर झुकी मिली। उन्होंने कहा कि अभी नहर में पानी का दबाव सामान्य से काफी कम है। यदि नहर पूरी क्षमता से संचालित हुई तो क्षति और बढ़ सकती है।
उन्होंने दोषपूर्ण साइड वॉल को पूरी तरह ध्वस्त कर मानक के अनुरूप दोबारा निर्माण कराने और निर्माण एजेंसी का भुगतान रोके जाने की मांग की है। मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता हरेंद्र राय ने बताया कि पानी चालू होते ही साइड वॉल बैठ जाने की जानकारी मिली है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।