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Chandauli News: किसानों के खेतों से जबरन मिट्टी निकाल करा रहे विकास
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अंतरराज्यीय प्रवेश द्वार निर्माण के पास किसानों के खेत से खोदी गई मिट्टी। संवाद
- फोटो : Samvad
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इलिया। इलिया-लेवा मार्ग पर अंतरराज्यीय प्रवेश द्वार के निर्माण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए उनके खेतों से जबरन मिट्टी खोदी जा रही है। इससे किसानों में नाराजगी व्याप्त है। एई ने स्वीकार किया कि जेई से गलती हुई है।
किसान विजय गुप्ता, रमेश चंद्र गुप्ता, संजय गुप्ता, शिवधनी गुप्ता, मनोज गुप्ता, अनुज गुप्ता, सुधीर गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की देखरेख में जेसीबी से खेतों की मिट्टी निकालकर अंतरराज्यीय प्रवेश द्वार के फाउंडेशन में भराव कर दिया गया। न तो उन्हें इसकी कोई सूचना दी गई और न उनसे सहमति ली गई। उनका कहना है कि इससे खेती को भारी नुकसान पहुंचेगा और उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। इस मामले में सहायक अभियंता (एई) भूपेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि किसानों की भूमि से मिट्टी कटवाना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि इस मामले में कनिष्ठ अभियंता की पूरी तरह गलती है।
उन्हें इस प्रकार बिना अनुमति किसानों की भूमि से मिट्टी नहीं कटवानी चाहिए थी। जिन किसानों की भूमि से मिट्टी काटी गई है, उनके साथ गलत हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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किसान विजय गुप्ता, रमेश चंद्र गुप्ता, संजय गुप्ता, शिवधनी गुप्ता, मनोज गुप्ता, अनुज गुप्ता, सुधीर गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की देखरेख में जेसीबी से खेतों की मिट्टी निकालकर अंतरराज्यीय प्रवेश द्वार के फाउंडेशन में भराव कर दिया गया। न तो उन्हें इसकी कोई सूचना दी गई और न उनसे सहमति ली गई। उनका कहना है कि इससे खेती को भारी नुकसान पहुंचेगा और उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। इस मामले में सहायक अभियंता (एई) भूपेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि किसानों की भूमि से मिट्टी कटवाना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि इस मामले में कनिष्ठ अभियंता की पूरी तरह गलती है।
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उन्हें इस प्रकार बिना अनुमति किसानों की भूमि से मिट्टी नहीं कटवानी चाहिए थी। जिन किसानों की भूमि से मिट्टी काटी गई है, उनके साथ गलत हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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