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कबाड़ हो गई कूड़े से खाद बनाने वाली मशीन
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पीडीडीयू नगर। गीले कूड़े से खाद बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से खरीदी गई मशीन रखरखाव के अभाव में कबाड़ हो चुकी है। लाखों रुपये की कीमत से खरीदी गई मशीन को पुराने फायर बिग्रेड कार्यालय परिसर में खुले आसमान के नीचे रखा गया है। धूप और बारिश की वजह से लोहे की मशीन में जंग लग चुका है। नगर पालिका तीन सालों में सलेमपुर में कूड़ा निस्तारण केंद्र शुरू नहीं कर सका है, जिसके चलते यह मशीन खराब हो रही है।
नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों से 35 टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। वार्डों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए जिला प्रशासन की ओर से नगर पालिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशासन को लगभग डेढ़ हेक्टेयर जमीन सकलडीहा तहसील क्षेत्र के सलेमपुर में उपलब्ध कराई गयी है। जहां पालिका की ओर से वहां एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाया जाना था। जहां गीले व सूूखे कचरे को अलग-अलग किया जाना था। वहीं सूखे कचरे से रबर, प्लास्टिक समेत अन्य प्रकार के मैटल अलग निकालने के साथ ही गीले कचरे को मशीन से प्रोसेस कर कंपोस्ट खाद बनाया जाना था। पालिका प्रशासन की लापरवाही से अब तक न तो एमआरएफ सेंटर शुरू हो पाया और न ही कंपोस्ट खाद तैयार की जा रही है। वहीं तीन वर्ष पूर्व नगर पालिका की ओर से लगभग साढ़े चार लाख रुपये खर्च कर कंपोस्ट खाद मशीन मंगवाई गई थी। यह मशीन रखे-रखे कबाड़ हो गई है। इस मशीन को रखने के लिए नगर पालिका के पास छत नहीं है। आलम यह है कि पहले इसके सुभाष पार्क में रखा गया। इसके बाद शाहकुटी स्थित गैराज में रखा गया अब उसे पुराने फायर बिग्रेड परिसर में खुले आसमान के नीचे एक तरह से फेंक दिया गया है।
सकलडीहा के सलेमपुर में नगर पालिका का कूड़ा निस्तारण क्रेंद्र प्रस्तावित है। कूड़ा निस्तारण केंद्र जल्द ही बन जाएगा। उसके बाद मशीन को वहां लगाया जाएगा। तब तक उसेे फायर ब्रिगेड कार्यालय के पुराने परिसर में रखा गया है।
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-कृष्णचंद्र, ईओ, नगर पालिकापरिषद, पीडीडीयू नगर
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नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों से 35 टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। वार्डों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए जिला प्रशासन की ओर से नगर पालिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशासन को लगभग डेढ़ हेक्टेयर जमीन सकलडीहा तहसील क्षेत्र के सलेमपुर में उपलब्ध कराई गयी है। जहां पालिका की ओर से वहां एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाया जाना था। जहां गीले व सूूखे कचरे को अलग-अलग किया जाना था। वहीं सूखे कचरे से रबर, प्लास्टिक समेत अन्य प्रकार के मैटल अलग निकालने के साथ ही गीले कचरे को मशीन से प्रोसेस कर कंपोस्ट खाद बनाया जाना था। पालिका प्रशासन की लापरवाही से अब तक न तो एमआरएफ सेंटर शुरू हो पाया और न ही कंपोस्ट खाद तैयार की जा रही है। वहीं तीन वर्ष पूर्व नगर पालिका की ओर से लगभग साढ़े चार लाख रुपये खर्च कर कंपोस्ट खाद मशीन मंगवाई गई थी। यह मशीन रखे-रखे कबाड़ हो गई है। इस मशीन को रखने के लिए नगर पालिका के पास छत नहीं है। आलम यह है कि पहले इसके सुभाष पार्क में रखा गया। इसके बाद शाहकुटी स्थित गैराज में रखा गया अब उसे पुराने फायर बिग्रेड परिसर में खुले आसमान के नीचे एक तरह से फेंक दिया गया है।
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सकलडीहा के सलेमपुर में नगर पालिका का कूड़ा निस्तारण क्रेंद्र प्रस्तावित है। कूड़ा निस्तारण केंद्र जल्द ही बन जाएगा। उसके बाद मशीन को वहां लगाया जाएगा। तब तक उसेे फायर ब्रिगेड कार्यालय के पुराने परिसर में रखा गया है।
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-कृष्णचंद्र, ईओ, नगर पालिकापरिषद, पीडीडीयू नगर