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Chandauli News: प्रधान राकेश यादव का शव पहुंचते ही मजीदहा में मचा कोहराम
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चहनियां के मजीदहा में ग्रामप्रधान का शव पहुंचने के बाद जुटी भीड़। स्रोत:-जागरूक पाठक
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बलुआ थाना क्षेत्र के मजीदहा गांव के ग्राम प्रधान राकेश यादव का शव सोमवार को एंबुलेंस से गांव पहुंचते ही मातम पसर गया। शव वाहन से उतरते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके घर पहुंच गए। शव देखते ही परिजन बिलख पड़े।
ग्राम प्रधान राकेश यादव 22 जुलाई को वैष्णो देवी दर्शन के लिए जम्मू गए थे। दर्शन के बाद किसी आवश्यक कार्य से वह जम्मू में ही रुक गए थे। उनका 13 अगस्त को वापस लौटने का टिकट था। इसी बीच वह किराये की स्कूटी से किसी काम से बाजार जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने पीछे से स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई।
शनिवार को परिजनों को हादसे की जानकारी मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को शव गांव पहुंचने पर मजीदहा में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। देर तक उनके घर पर ग्रामीणों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा। लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।
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राकेश यादव अपने पीछे 12 वर्षीय पुत्री गुड़िया यादव और 10 वर्षीय पुत्र मंगल यादव को छोड़ गए हैं। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके निधन से परिवार के साथ ही मजीदहा और आसपास के क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
पिता मनबोध यादव, मां रामरती देवी, पत्नी शिखा यादव और भाई अरविंद व मनोज समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। घर पहुंचे लोग परिजनों को संभालने का प्रयास करते रहे। घटना से गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
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ग्राम प्रधान राकेश यादव 22 जुलाई को वैष्णो देवी दर्शन के लिए जम्मू गए थे। दर्शन के बाद किसी आवश्यक कार्य से वह जम्मू में ही रुक गए थे। उनका 13 अगस्त को वापस लौटने का टिकट था। इसी बीच वह किराये की स्कूटी से किसी काम से बाजार जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने पीछे से स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई।
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शनिवार को परिजनों को हादसे की जानकारी मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को शव गांव पहुंचने पर मजीदहा में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। देर तक उनके घर पर ग्रामीणों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा। लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।
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राकेश यादव अपने पीछे 12 वर्षीय पुत्री गुड़िया यादव और 10 वर्षीय पुत्र मंगल यादव को छोड़ गए हैं। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके निधन से परिवार के साथ ही मजीदहा और आसपास के क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
पिता मनबोध यादव, मां रामरती देवी, पत्नी शिखा यादव और भाई अरविंद व मनोज समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। घर पहुंचे लोग परिजनों को संभालने का प्रयास करते रहे। घटना से गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।