ROB के लिए टूटेंगे मकान: चार गुना मुआवजे का आश्वासन, कचमन में ग्रामीणों की शर्तें; बोले- बाजार भाव पर मिले दाम
Chandauli News: सकलडीहा के कचमन में आरओबी निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा गरमा गया है। प्रस्तावित परियोजना में कई मकान प्रभावित होंगे। ग्रामीणों को चार गुना मुआवजे का आश्वासन दिया गया है, लेकिन उन्होंने बाजार भाव के आधार पर भूमि का मूल्यांकन करने की मांग रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि उचित मुआवजा मिलने पर ही सहमति दी जाएगी।
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रेलवे लाइन के ऊपर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को लेकर रविवार को कचमन गांव के पास प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई। सकलडीहा एसडीएम आकांक्षा सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत कर आरओबी निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और मुआवजे के संबंध में जानकारी दी। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को चार गुना मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। वहीं ग्रामीणों ने मकान और जमीन का मूल्यांकन वर्तमान बाजार दर के आधार पर कराने की मांग रखी।
एसडीएम ने बताया कि प्रस्तावित आरओबी के निर्माण के लिए सड़क के दोनों ओर स्थित कुछ मकानों और जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण के बाद प्रभावित भवनों को हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के हितों का ध्यान रखते हुए नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
बाजार दर से मूल्यांकन की मांग
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि अधिग्रहण के दौरान उनकी जमीन और मकानों का मूल्यांकन वर्तमान बाजार दर के आधार पर किया जाए। ग्रामीणों ने सड़क के दोनों ओर समान अनुपात में भूमि अधिग्रहित करने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि किसी एक तरफ के लोगों पर अधिक प्रभाव न पड़े।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया तो वे भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में सहयोग नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
सड़क के बीच समानांतर बनेंगे दो आरओबी
एसडीएम आकांक्षा सिंह ने बताया कि सड़क के बीचोंबीच समानांतर दो आरओबी बनाए जाने की योजना है। इसके लिए सड़क के दोनों ओर भूमि अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि रविवार की बैठक स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। ग्रामीणों की ओर से रखे गए प्रस्तावों को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन, रेलवे और कार्यदायी संस्था के अधिकारी आपसी समन्वय से अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए और निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न हो।
पहली बैठक में बनी सहमति की जमीन
एसडीएम ने कहा कि ग्रामीणों के साथ बातचीत सकारात्मक रही है। उनकी ओर से कई सुझाव दिए गए हैं, जिन पर उच्चाधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को चार गुना मुआवजा देने की योजना की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि आरओबी बनने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, लेकिन विकास की कीमत स्थानीय लोगों को अपने मकान और जमीन से बेदखल होकर नहीं चुकानी चाहिए। उनका कहना है कि अधिग्रहण से पहले पारदर्शी सर्वे, उचित मूल्यांकन और समय पर मुआवजा सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।