{"_id":"6a86117652ba76c3ea003bc0","slug":"parents-role-in-school-management-will-increase-chandauli-news-c-189-1-chl1002-153239-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: स्कूलों की व्यवस्था में बढ़ेगी अभिभावकों की भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: स्कूलों की व्यवस्था में बढ़ेगी अभिभावकों की भूमिका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडीडीयू नगर। परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विद्यालय प्रबंध समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में 15 सदस्यीय प्रबंध समिति गठित की जाएगी। इसमें 11 सदस्य विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता अथवा अभिभावक होंगे। समितियों के गठन की प्रक्रिया नवंबर में शुरू होगी।
बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि नई समिति में अभिभावक सदस्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। कुल सदस्यों में कम से कम 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी और प्रत्येक कक्षा का प्रतिनिधित्व अनिवार्य रहेगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन भी अभिभावक सदस्यों में से किया जाएगा। दोनों में एक पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा।
समिति के चार अन्य सदस्यों में स्थानीय प्राधिकारी का निर्वाचित प्रतिनिधि, एएनएम, लेखपाल और प्रधानाध्यापक शामिल होंगे। प्रधानाध्यापक पदेन सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। समिति का गठन खुली बैठक में किया जाएगा। आम सहमति नहीं बनने की स्थिति में मतदान कराया जा सकेगा।
विज्ञापन
नई प्रबंध समिति विद्यालय में बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति और ठहराव के साथ शिक्षकों की उपस्थिति तथा शिक्षण व्यवस्था की निगरानी में सहयोग करेगी। इसके अलावा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, विद्यालय विकास योजना, स्वच्छता, बाल सुरक्षा और विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी समिति नजर रखेगी।
परिषदीय, सहायता प्राप्त, राजकीय, कंपोजिट, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। समिति का कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित है। इसका उद्देश्य विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन
बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि नई समिति में अभिभावक सदस्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। कुल सदस्यों में कम से कम 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी और प्रत्येक कक्षा का प्रतिनिधित्व अनिवार्य रहेगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन भी अभिभावक सदस्यों में से किया जाएगा। दोनों में एक पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा।
विज्ञापन
समिति के चार अन्य सदस्यों में स्थानीय प्राधिकारी का निर्वाचित प्रतिनिधि, एएनएम, लेखपाल और प्रधानाध्यापक शामिल होंगे। प्रधानाध्यापक पदेन सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। समिति का गठन खुली बैठक में किया जाएगा। आम सहमति नहीं बनने की स्थिति में मतदान कराया जा सकेगा।
विज्ञापन
नई प्रबंध समिति विद्यालय में बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति और ठहराव के साथ शिक्षकों की उपस्थिति तथा शिक्षण व्यवस्था की निगरानी में सहयोग करेगी। इसके अलावा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, विद्यालय विकास योजना, स्वच्छता, बाल सुरक्षा और विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी समिति नजर रखेगी।
परिषदीय, सहायता प्राप्त, राजकीय, कंपोजिट, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। समिति का कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित है। इसका उद्देश्य विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।