इलिया। हनुमत सेवा समिति की ओर से क्षेत्र के खरौझा हिनौती स्थित हनुमान मंदिर में चल रही राम कथा में कथा वाचिका मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने भाग लिया। उन्होंने कथा के पहले दिन से लेकर अंतिम दिन तक राम कथा के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यदि कथा को भाव से सुना जाए तो भगवान के दर्शन जरूर होते हैं। शालिनी त्रिपाठी ने विश्वमित्र के अयोध्या आगमन और राम-लक्ष्मण को साथ ले जाने की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि अगर परिवार में प्रेम होगा, तो लक्ष्मी घर से नहीं जाएंगी, और यदि परमात्मा से प्रेम होगा, तो भगवान भी घर से नहीं जाएंगे। कथा वाचिका ने खीर के महत्व को बताते हुए कहा कि खीर में कम चावल, दूध (ज्ञान) और चीनी (भक्ति) का प्रतीक है। उन्होंने रामचरितमानस को केवल एक ग्रंथ न मानते हुए उसे एक मंत्र के रूप में प्रस्तुत किया, जो भगवान की भक्ति को सहजता से प्राप्त करने का मार्ग है। राम कथा के दौरान उन्होंने महाराजा दशरथ द्वारा विश्वामित्र का सत्कार और राम के ताड़का वध की भी कथा सुनाई। इस मौके पर राजन सिंह, त्रिवेणी द्विवेदी, दशरथ पांडेय, शशिकांत पांडेय, मंगरू द्विवेदी, अजय पांडेय, पप्पू पांडेय, प्रियंका सिंह, रोली सिंह, रूद्र प्रिया सिंह, जमुना देवी आदि उपस्थित रहे।