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Chandauli News: पुरस्कार के लिए शिक्षकों को पांच मिनट में बतानी होगी उपलब्धि
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पीडीडीयू नगर। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों को अब अपनी उपलब्धियों और नवाचारों की प्रभावी प्रस्तुति देनी होगी। इसके लिए शिक्षकों को पांच मिनट का समय दिया जाएगा, जिसमें अपनी काबिलियत साबित करनी होगी।
राज्य शिक्षक पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में शिक्षकों को पहले परीक्षा देनी होगी। इसके बाद पीपीटी (पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन) और साक्षात्कार के माध्यम से उनका मूल्यांकन किया जाएगा। जिले से चार शिक्षक 13 अगस्त को लखनऊ में अपनी प्रस्तुति देंगे। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि जनपद स्तर पर चयन समिति ने शिक्षकों की उपलब्धियों, नवाचार और विद्यालय के विकास में योगदान का आकलन कर राज्य स्तर पर नाम भेजे हैं।
राज्य स्तरीय चयन में शिक्षकों की व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ विद्यार्थियों में आए बदलाव और विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रमुख आधार बनाया गया है।
चयन प्रक्रिया में शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, नामांकन बढ़ाने, विद्यालय के कायाकल्प, नवाचार और विद्यार्थियों की उपलब्धियों से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना होगा।
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राज्य शिक्षक पुरस्कार की दौड़ में शामिल शिक्षकों के लिए पांच मिनट की प्रस्तुति अहम साबित होगी।
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राज्य शिक्षक पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में शिक्षकों को पहले परीक्षा देनी होगी। इसके बाद पीपीटी (पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन) और साक्षात्कार के माध्यम से उनका मूल्यांकन किया जाएगा। जिले से चार शिक्षक 13 अगस्त को लखनऊ में अपनी प्रस्तुति देंगे। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि जनपद स्तर पर चयन समिति ने शिक्षकों की उपलब्धियों, नवाचार और विद्यालय के विकास में योगदान का आकलन कर राज्य स्तर पर नाम भेजे हैं।
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राज्य स्तरीय चयन में शिक्षकों की व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ विद्यार्थियों में आए बदलाव और विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रमुख आधार बनाया गया है।
चयन प्रक्रिया में शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, नामांकन बढ़ाने, विद्यालय के कायाकल्प, नवाचार और विद्यार्थियों की उपलब्धियों से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना होगा।
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राज्य शिक्षक पुरस्कार की दौड़ में शामिल शिक्षकों के लिए पांच मिनट की प्रस्तुति अहम साबित होगी।