कंदवा। क्षेत्र के कसवढ़ डेहरियाडीह परिसर स्थित मां भवानी प्राकट्य स्थल में रुद्रचंडी महायज्ञ में दूसरे दिन बुधवार को पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश और अरणी मंथन हुआ। इसके बाद हवन, आरती व पुष्पांजलि का कार्यक्रम हुआ। काशी से आए आचार्य राजेश मिश्रा सहित सात आचार्यों ने विधि विधान से पूजन कराया।
मां भवानी प्राकट्य स्थल में कलिकाल से प्रभावित मानव समाज की रक्षा और क्षेत्र की सुख शांति के लिए ब्रह्मलीन निर्वाण दर्शन मुनि उदासीन नागा बाबा कमौली के शिष्य महंत चंद्रमौलि मुनि उदासीन खड़ेश्वरी बाबा ने छह दिवसीय रूद्रचंडी महायज्ञ का आयोजन कराया है।
बुधवार की सुबह आचार्य राजेश मिश्रा सहित सात विद्वान आचार्यों ने पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश और अरणी मंथन आदि धार्मिक कार्य सम्पन्न कराए। इसके बाद हवन, आरती व पुष्पांजलि का कार्यक्रम हुआ।
इस दौरान महंत चंद्रमौलि मुनि उदासीन खड़ेश्वरी बाबा, संध्या सिंह, अभय दूबे, राजेश उपाध्याय, अजीत तिवारी, मंगला सिंह, विपिन उपाध्याय आदि रहे। संवाद