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Chandauli News: नागपंचमी पर कुश्ती-दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम
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नागपंचमी के अवसर पर क्षेत्र के सिहावल गांव में सोमवार को श्रीश्री बुढ़वा बाबा सेवा समिति की ओर से कुश्ती-दंगल प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विभिन्न गांवों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में दांव-पेंच और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में 25 जोड़ी कुश्तियां हुईं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेलप्रेमी पहुंचे। मुख्य अतिथि समाजसेवी इनाम भाई ने पहलवानों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कुश्ती ग्रामीण संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें अनुशासन, मेहनत व खेल भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि दंगल केवल जीत-हार का मैदान नहीं, बल्कि मेहनत, साहस और सम्मान की पहचान है। अखाड़े की मिट्टी युवाओं को संघर्ष और आगे बढ़ने की सीख देती है।
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प्रतियोगिता में पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। कई मुकाबले रोमांचक रहे। खिलाड़ियों के शानदार दांव-पेंच पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में रत्नेश यादव, शेषनाथ यादव, कृष्ण विजय, विमलेश, आनंद, अनुज, उदय प्रताप और धनंजय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता वीरेंद्र यादव ने की और संचालन संजय यादव ने किया।
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प्रतियोगिता में 25 जोड़ी कुश्तियां हुईं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेलप्रेमी पहुंचे। मुख्य अतिथि समाजसेवी इनाम भाई ने पहलवानों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कुश्ती ग्रामीण संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें अनुशासन, मेहनत व खेल भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि दंगल केवल जीत-हार का मैदान नहीं, बल्कि मेहनत, साहस और सम्मान की पहचान है। अखाड़े की मिट्टी युवाओं को संघर्ष और आगे बढ़ने की सीख देती है।
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प्रतियोगिता में पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। कई मुकाबले रोमांचक रहे। खिलाड़ियों के शानदार दांव-पेंच पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में रत्नेश यादव, शेषनाथ यादव, कृष्ण विजय, विमलेश, आनंद, अनुज, उदय प्रताप और धनंजय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता वीरेंद्र यादव ने की और संचालन संजय यादव ने किया।