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Chitrakoot News: जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय में 24.30 करोड़ रुपये से बनेंगे 32 आवास
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 03 Mar 2026 10:30 PM IST
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चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आवासों का निर्माण किया जाएगा। टाइप-चार के 32 आवासों के निर्माण पर कुल 24 करोड़ 30 लाख रुपये व्यय होंगे। शासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में छह करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
वर्तमान में विश्वविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों को रहने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। कई कर्मचारी विश्वविद्यालय परिसर के बाहर निवास करते हैं, जिससे उन्हें असुविधा होती है। इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय प्रशासन ने 32 आवासों का प्रस्ताव तैयार किया था। अब इस प्रस्ताव को राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई है। इन आवासों के बनने से सभी को विश्वविद्यालय के अंदर ही ठहराव की सुविधा मिलेगी। आवासों के निर्माण की जिम्मेदारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को सौंपी गई है। स्वीकृत बजट के सापेक्ष विश्वविद्यालय को छह करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। जल्द ही जमीन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। आवासों का निर्माण 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्वीकृत बजट और मांग
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मधुरेंद्र पर्वत ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों के आवास के लिए 2464.85 लाख रुपये की मांग की गई थी। इस पर शासन स्तर से 2430.13 लाख रुपये की राशि को मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृत राशि में से पहली किस्त के तौर पर छह करोड़ रुपये जारी हुए हैं। जमीन संबंधी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
आवासों से समस्या का समाधान
कुलपति डॉ शिशिर कुमार पांडेय का कहना है कि विश्वविद्यालय में अभी आवासों की समस्या बनी हुई है। इन नए आवासों के निर्माण होने के बाद शिक्षक और कर्मचारियों की यह समस्या दूर हो जाएगी। इससे उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में ही रहने की सुविधा मिलेगी। यह कदम कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करेगा।
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वर्तमान में विश्वविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों को रहने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। कई कर्मचारी विश्वविद्यालय परिसर के बाहर निवास करते हैं, जिससे उन्हें असुविधा होती है। इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय प्रशासन ने 32 आवासों का प्रस्ताव तैयार किया था। अब इस प्रस्ताव को राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई है। इन आवासों के बनने से सभी को विश्वविद्यालय के अंदर ही ठहराव की सुविधा मिलेगी। आवासों के निर्माण की जिम्मेदारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को सौंपी गई है। स्वीकृत बजट के सापेक्ष विश्वविद्यालय को छह करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। जल्द ही जमीन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। आवासों का निर्माण 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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स्वीकृत बजट और मांग
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मधुरेंद्र पर्वत ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों के आवास के लिए 2464.85 लाख रुपये की मांग की गई थी। इस पर शासन स्तर से 2430.13 लाख रुपये की राशि को मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृत राशि में से पहली किस्त के तौर पर छह करोड़ रुपये जारी हुए हैं। जमीन संबंधी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
आवासों से समस्या का समाधान
कुलपति डॉ शिशिर कुमार पांडेय का कहना है कि विश्वविद्यालय में अभी आवासों की समस्या बनी हुई है। इन नए आवासों के निर्माण होने के बाद शिक्षक और कर्मचारियों की यह समस्या दूर हो जाएगी। इससे उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में ही रहने की सुविधा मिलेगी। यह कदम कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करेगा।
