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Chitrakoot News: डायट में 98 शिक्षकों को मिले प्रमाणपत्र
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फोटो 25 सीकेटीपी 01 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत करते डायट प्राचार्य। संवाद
- शिक्षा में बदलाव और समावेशी शिक्षा विषयक पर सेमिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षक शिक्षा में बदलाव और समावेशी शिक्षा विषयक पर आयोजित सेमिनार में जिले के शिक्षाविदों ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विचार साझा किए। समापन पर सभी 98 शिक्षकों और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
सेमिनार का शुभारंभ डीएलएड प्रशिक्षुओं की सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ हुआ। बाद में डायट प्राचार्य बीके शर्मा ने दीप जलाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय से डॉ. निहार रंजन मिश्र व डॉ. रजनीश कुमार सिंह का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। शिक्षक शिक्षा में बदलाव पर केंद्रित सत्र में डॉ. रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक शिक्षा का उद्देश्य ऐसे विचारशील और नवाचारी नागरिक तैयार करना है, जो सीखने की प्रक्रिया को सुगम बना सकें।
समावेशी शिक्षा, शिक्षा में नवाचार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्वास्थ्य देखभाल से महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके लिए बाधा-मुक्त वातावरण बनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने सीखने के लिए सार्वभौमिक डिज़ाइन और संवेदी शिक्षण के महत्व को समझाया।
डायट प्राचार्य बीके शर्मा ने कहा, समावेशी शिक्षा केवल एक नीति नहीं, बल्कि एक मानवीय दृष्टिकोण है। हमारा लक्ष्य है कि चित्रकूट का हर बच्चा, चाहे उसकी क्षमताएं कैसी भी हों, एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ प्रवक्ता नीलम यादव, समस्त डायट प्रवक्ता और कर्मचारियों ने सहयोग दिया।
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- शिक्षा में बदलाव और समावेशी शिक्षा विषयक पर सेमिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षक शिक्षा में बदलाव और समावेशी शिक्षा विषयक पर आयोजित सेमिनार में जिले के शिक्षाविदों ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विचार साझा किए। समापन पर सभी 98 शिक्षकों और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
सेमिनार का शुभारंभ डीएलएड प्रशिक्षुओं की सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ हुआ। बाद में डायट प्राचार्य बीके शर्मा ने दीप जलाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय से डॉ. निहार रंजन मिश्र व डॉ. रजनीश कुमार सिंह का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। शिक्षक शिक्षा में बदलाव पर केंद्रित सत्र में डॉ. रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक शिक्षा का उद्देश्य ऐसे विचारशील और नवाचारी नागरिक तैयार करना है, जो सीखने की प्रक्रिया को सुगम बना सकें।
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समावेशी शिक्षा, शिक्षा में नवाचार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्वास्थ्य देखभाल से महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके लिए बाधा-मुक्त वातावरण बनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने सीखने के लिए सार्वभौमिक डिज़ाइन और संवेदी शिक्षण के महत्व को समझाया।
डायट प्राचार्य बीके शर्मा ने कहा, समावेशी शिक्षा केवल एक नीति नहीं, बल्कि एक मानवीय दृष्टिकोण है। हमारा लक्ष्य है कि चित्रकूट का हर बच्चा, चाहे उसकी क्षमताएं कैसी भी हों, एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ प्रवक्ता नीलम यादव, समस्त डायट प्रवक्ता और कर्मचारियों ने सहयोग दिया।