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Chitrakoot News: परिवार की संख्या में 26% वृद्धि तो जनसंख्या में 21% बढ़ोतरी का अनुमान
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:45 AM IST
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चित्रकूट। जनगणना 2027 के लिए जिले में परिवारों की गिनती पूरी हो गई है। प्रारंभिक गणना के आंकड़ों के अनुसार, चित्रकूट जनपद में परिवार की संख्या में 26 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, जनसंख्या में भी 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है, हालांकि जनसंख्या की वास्तविक गणना अगले वर्ष की जाएगी। समाजशास्त्री इस वृद्धि को सीधे तौर पर जिले के आर्थिक विकास और बेहतर रोजगार के अवसरों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति और सुगम काम-धंधे की उपलब्धता के कारण परिवारों की संख्या में वृद्धि हुई है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद करीब 3,216 वर्ग किलोमीटर में बसा है। इसमें चार तहसील व सात ब्लॉक शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना में जनपद में 1 लाख 72 हजार 551 परिवार थे। जबकि यहां की आबादी 9 लाख 91 हजार 730 थी। करीब पांच साल की देरी से अब वर्ष 2027 के लिए जनगणना की जा रही है। पहले सात से 21 मई तक स्वगणना कराई गई। इस गणना में लोगों ने स्वयं पोर्टल पर अपना विवरण फीड किया। इसके बाद पहले चरण में परिवारों की गणना की गई। 21 मई से शुरू यह गणना 20 जून तक चली। इस गणना के आए प्रारंभिक आंकड़ों में चित्रकूट जनपद में 26 फीसद यानी 62,695 परिवार की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2011 की जनगणना की तुलना में अब यह संख्या बढ़कर 2 लाख 35 हजार 246 हो गई है, वहीं जनसंख्या में 2 लाख 73 हजार 769 बढ़ोत्तरी होने के आसार लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2011 में 9 लाख 91 हजार 730 थी। यह अब बढ़कर 12 लाख 65 हजार 499 होने का अनुमान है, हालांकि इस जनपद की जनसंख्या की वास्तविक गणना अगले बरस फरवरी में की जाएगी। इस गणना के आंकड़े आने के बाद वास्तविक आबादी पता चल सकेगी।
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जीवन स्तर में सुधार के मिले संकेत
शहर से ग्रामीण परिवेश में सड़क, बिजली, पानी, परिवहन, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। करीब 90 फीसद घरों में बिजली और एलपीजी कनेक्शन पहुंच गए हैं। हर घर नल योजना में 70 फीसद घरों में पानी पहुंच रहा है। गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया गया है। इससे परिवहन सुविधाओं में सुधार आया है।
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महज पांच फीसद बचे संयुक्त परिवार
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अजय चौरे बताते हैं कि जनसंख्या के मुकाबले परिवारों की संख्या बढ़ोतरी स्वाभाविक है। वह कहते हैं कि पहले संयुक्त परिवार में एक चूल्हा जलता था मगर वर्तमान परिदृश्य में एक घर में रहने के बाद भी परिवार में अलग-अलग चूल्हे जल रहे हैं। जनगणना में परिवार की गणना रसोई के आधार पर की जाती है। अब महज पांच फीसद परिवार ही संयुक्त बचे हैं। भौतिक जरूरतों की पूर्ति के चलते 95 फीसद परिवार एकल हो गए हैं।
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फरवरी में चलेगा दूसरा चरण, प्रशिक्षण की तैयारी
जनगणना का पहला चरण खत्म होने के बाद अब अगले साल यानी फरवरी 2027 में दूसरे चरण होगा। नौ फरवरी से शुरू होने वाला यह चरण 20 फरवरी 2027 तक चलेगा। एक से पांच मार्च तक पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां में जुट गया है।
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बोले जिम्मेदार-- -- -- -
जनगणना का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। गणना के बाद घरों को नंबर दिए गए है। अगले साल फरवरी 2027 में दूसरा चरण शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।- चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद करीब 3,216 वर्ग किलोमीटर में बसा है। इसमें चार तहसील व सात ब्लॉक शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना में जनपद में 1 लाख 72 हजार 551 परिवार थे। जबकि यहां की आबादी 9 लाख 91 हजार 730 थी। करीब पांच साल की देरी से अब वर्ष 2027 के लिए जनगणना की जा रही है। पहले सात से 21 मई तक स्वगणना कराई गई। इस गणना में लोगों ने स्वयं पोर्टल पर अपना विवरण फीड किया। इसके बाद पहले चरण में परिवारों की गणना की गई। 21 मई से शुरू यह गणना 20 जून तक चली। इस गणना के आए प्रारंभिक आंकड़ों में चित्रकूट जनपद में 26 फीसद यानी 62,695 परिवार की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2011 की जनगणना की तुलना में अब यह संख्या बढ़कर 2 लाख 35 हजार 246 हो गई है, वहीं जनसंख्या में 2 लाख 73 हजार 769 बढ़ोत्तरी होने के आसार लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2011 में 9 लाख 91 हजार 730 थी। यह अब बढ़कर 12 लाख 65 हजार 499 होने का अनुमान है, हालांकि इस जनपद की जनसंख्या की वास्तविक गणना अगले बरस फरवरी में की जाएगी। इस गणना के आंकड़े आने के बाद वास्तविक आबादी पता चल सकेगी।
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जीवन स्तर में सुधार के मिले संकेत
शहर से ग्रामीण परिवेश में सड़क, बिजली, पानी, परिवहन, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। करीब 90 फीसद घरों में बिजली और एलपीजी कनेक्शन पहुंच गए हैं। हर घर नल योजना में 70 फीसद घरों में पानी पहुंच रहा है। गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया गया है। इससे परिवहन सुविधाओं में सुधार आया है।
महज पांच फीसद बचे संयुक्त परिवार
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अजय चौरे बताते हैं कि जनसंख्या के मुकाबले परिवारों की संख्या बढ़ोतरी स्वाभाविक है। वह कहते हैं कि पहले संयुक्त परिवार में एक चूल्हा जलता था मगर वर्तमान परिदृश्य में एक घर में रहने के बाद भी परिवार में अलग-अलग चूल्हे जल रहे हैं। जनगणना में परिवार की गणना रसोई के आधार पर की जाती है। अब महज पांच फीसद परिवार ही संयुक्त बचे हैं। भौतिक जरूरतों की पूर्ति के चलते 95 फीसद परिवार एकल हो गए हैं।
फरवरी में चलेगा दूसरा चरण, प्रशिक्षण की तैयारी
जनगणना का पहला चरण खत्म होने के बाद अब अगले साल यानी फरवरी 2027 में दूसरे चरण होगा। नौ फरवरी से शुरू होने वाला यह चरण 20 फरवरी 2027 तक चलेगा। एक से पांच मार्च तक पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां में जुट गया है।
बोले जिम्मेदार
जनगणना का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। गणना के बाद घरों को नंबर दिए गए है। अगले साल फरवरी 2027 में दूसरा चरण शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।- चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी।