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Chitrakoot News: एक और बिचौलिया बृजेश गिरफ्तार, अब तक 35 जा चुके जेल
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:55 PM IST
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चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में सोमवार को एसआईटी ने एक और बिचौलिए को गिरफ्तार किया। इस मामले में जेल जाने वाले आरोपियों की संख्या 35 हो गई है। गिरफ्तार बिचौलिया पर पेंशनरों के खातों में आने वाली धनराशि को निकालकर आपस में बांटने का आरोप है।
लगभग तीन महीने से चल रही इस घोटाले की जांच में एसआईटी ने पाया है कि सुहेल मऊ निवासी बृजेश कुमार इस गोरखधंधे में एक प्रमुख बिचौलिया था। उसके खिलाफ मिले सबूतों और उसकी स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे उसके गांव के पास से गिरफ्तार किया गया है। बृजेश ने कबूल किया है कि वह कुछ पेंशनरों के साथ मिलकर कोषागार से आने वाली धनराशि को बैंक से निकालकर उसका बंदरबांट करता था।
पूछताछ और जांच से पता चला है कि बिचौलिया बृजेश दो पेंशनरों के सीधे संपर्क में था। वह उनके खातों से रुपये निकालकर अपना कमीशन और कोषागार विभाग के अधिकारियों का हिस्सा अलग करता था। चौंकाने वाली बात यह है कि बृजेश ने एक मृतक पेंशनर के नाम पर भी एक फर्जी खाता खोल रखा था, जिसमें अंतिम समय में 12 लाख रुपये की धनराशि जमा पाई गई।
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कोषागार घोटाले में 99 के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी
इस बड़े घोटाले में कुल 99 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें चार विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। अब तक कुल 35 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जिनमें आठ बिचौलिए और दो विभागीय अधिकारी शामिल हैं। शेष गिरफ्तार आरोपी पेंशनर हैं। आरोपी संदीप की पुलिस विवेचना के दौरान मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक अन्य रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह हाईकोर्ट से स्टे पर चल रहे हैं। हाल के दिनों में एसआईटी ने तेजी दिखाते हुए पांच दिनों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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बिचौलिये की उसके गांव के पास से गिरफ्तारी की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
-सत्यपाल सिंह, प्रभारी एसपी
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लगभग तीन महीने से चल रही इस घोटाले की जांच में एसआईटी ने पाया है कि सुहेल मऊ निवासी बृजेश कुमार इस गोरखधंधे में एक प्रमुख बिचौलिया था। उसके खिलाफ मिले सबूतों और उसकी स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे उसके गांव के पास से गिरफ्तार किया गया है। बृजेश ने कबूल किया है कि वह कुछ पेंशनरों के साथ मिलकर कोषागार से आने वाली धनराशि को बैंक से निकालकर उसका बंदरबांट करता था।
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पूछताछ और जांच से पता चला है कि बिचौलिया बृजेश दो पेंशनरों के सीधे संपर्क में था। वह उनके खातों से रुपये निकालकर अपना कमीशन और कोषागार विभाग के अधिकारियों का हिस्सा अलग करता था। चौंकाने वाली बात यह है कि बृजेश ने एक मृतक पेंशनर के नाम पर भी एक फर्जी खाता खोल रखा था, जिसमें अंतिम समय में 12 लाख रुपये की धनराशि जमा पाई गई।
कोषागार घोटाले में 99 के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी
इस बड़े घोटाले में कुल 99 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें चार विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। अब तक कुल 35 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जिनमें आठ बिचौलिए और दो विभागीय अधिकारी शामिल हैं। शेष गिरफ्तार आरोपी पेंशनर हैं। आरोपी संदीप की पुलिस विवेचना के दौरान मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक अन्य रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह हाईकोर्ट से स्टे पर चल रहे हैं। हाल के दिनों में एसआईटी ने तेजी दिखाते हुए पांच दिनों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
बिचौलिये की उसके गांव के पास से गिरफ्तारी की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
-सत्यपाल सिंह, प्रभारी एसपी