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Chitrakoot News: आवासों के संग पार्कों पर कब्जा, खेलने को तरसे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:33 PM IST
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फोटो- 15 कालोनी के पार्क में झोपड़ी। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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चित्रकूट। लोढ़वारा गांव के पास स्थित कांशीराम कॉलोनी में अवैध कब्जों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां पहले आवासों पर कब्जे की शिकायतें आ रही थीं, वहीं अब कब्जेदारों ने कॉलोनी के पार्कों को भी अपना निशाना बना लिया है। कॉलोनी में बने कुल आठ पार्कों में से अधिकांश पर अवैध कब्जा हो चुका है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को खुले में सांस लेने और खेलने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।
कांशीराम कॉलोनी के पार्कों की स्थिति चिंताजनक है। कई पार्कों में लकड़ियां भरी हुई हैं, तो कहीं झोपड़ियां बनाकर पशुओं को बांधा जा रहा है। कुछ पार्क तो ऐसे हैं जहां कब्जेदारों ने रहने तक की व्यवस्था कर ली है, जिससे उनका मूल स्वरूप पूरी तरह समाप्त हो गया है। इन पार्कों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। कांशीराम कॉलोनी में कुल 84 ब्लॉक में करीब एक 1000 आवास बने हैं।
इन आवासों में करीब छह सौ आवास आवंटित हैं, इनमें लगभग सौ आवासों पर पहले से ही अवैध कब्जेदारों का कब्जा है। अब यही कब्जेदार पार्कों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। कॉलोनी के सेवालाल, रामप्यारी और सुशील ने बताया कि पहले आवासों पर कब्जा किया गया और अब पार्कों को हथियाया जा रहा है। पार्कों पर कब्जे के कारण बच्चों को खेलने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है।
उन्हें सड़कों पर खेलने या धूप में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो उनकी सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है। बुजुर्ग भी अपनी सुबह-शाम की सैर के लिए जगह न पाकर परेशान हैं। कॉलोनी निवासियों ने कई बार प्रशासन से अवैध कब्जे हटाने की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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बोले जिम्मेदार-- -- -
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी लालजी ने कहा है कि हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जिलाधिकारी ने अवैध कब्जों की जांच के लिए एक टीम गठित की है।
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कांशीराम कॉलोनी के पार्कों की स्थिति चिंताजनक है। कई पार्कों में लकड़ियां भरी हुई हैं, तो कहीं झोपड़ियां बनाकर पशुओं को बांधा जा रहा है। कुछ पार्क तो ऐसे हैं जहां कब्जेदारों ने रहने तक की व्यवस्था कर ली है, जिससे उनका मूल स्वरूप पूरी तरह समाप्त हो गया है। इन पार्कों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। कांशीराम कॉलोनी में कुल 84 ब्लॉक में करीब एक 1000 आवास बने हैं।
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इन आवासों में करीब छह सौ आवास आवंटित हैं, इनमें लगभग सौ आवासों पर पहले से ही अवैध कब्जेदारों का कब्जा है। अब यही कब्जेदार पार्कों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। कॉलोनी के सेवालाल, रामप्यारी और सुशील ने बताया कि पहले आवासों पर कब्जा किया गया और अब पार्कों को हथियाया जा रहा है। पार्कों पर कब्जे के कारण बच्चों को खेलने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है।
उन्हें सड़कों पर खेलने या धूप में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो उनकी सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है। बुजुर्ग भी अपनी सुबह-शाम की सैर के लिए जगह न पाकर परेशान हैं। कॉलोनी निवासियों ने कई बार प्रशासन से अवैध कब्जे हटाने की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
बोले जिम्मेदार
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी लालजी ने कहा है कि हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जिलाधिकारी ने अवैध कब्जों की जांच के लिए एक टीम गठित की है।

फोटो- 15 कालोनी के पार्क में झोपड़ी। संवाद- फोटो : सांकेतिक