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Chitrakoot News: स्वस्थ बालिका समाज परिवार की आधार शिला, संतुलित आहार की हो प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:59 PM IST
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28 सीकेटीपी-11-अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में जानकारी देतीं डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी । संवाद
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चित्रकूट/ खोही । पीएम मेमोरियल इंटर कॉलेज में सोमवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला डॉक्टर ने छात्राओं को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने का महत्व बताते हुए संकोच और शर्म को त्यागकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को परिजनों या संरक्षकों को बताएं। साथ ही आजकल प्रचलन में आए फास्ट फूड के सेवन से बचने और स्वास्थ्यवर्धक भोजन सामग्री को अपनाने पर भी जोर दिया।
चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी ने छात्राओं को समझाया कि भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, मिनरल्स की मात्रा लें। आजकल चाऊमीन, मेमोज, फिंगर आदि चाइनीज व अधिक मसालेदार चीजों के सेवन की जगह गुड़, हल्दी दूध, हरी सब्जी, आयरन, सूखे मेवे, मोटा अनाज, गरम मसालों का इस्तेमाल अपने भोजन में करें। फास्ट फूड से स्वास्थ्य को नुकसान होता है। छात्राएं इस ओर खास ध्यान दें। लड़कियां समाज की आधारशिला हैं। वह स्वस्थ होंगी तो समाज स्वस्थ रहेगा। उनका परिवार भी खुशहाल रहेगा। अक्सर लड़कियों को यूटीआई की समस्या होती है। इससे बचने के लिए बहुत देर तक यूरिन को न रोकें। पीसीओडी की समस्या होने पर खुलकर बताएं। जिससे इलाज हो सके।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी खोही के डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि सर्दी में गुनगुना पानी, टमाटर का सूप सेहत के लिए बेहतर फूड्स में शामिल किया जा सकता है। इससे छात्राएं अपने स्वास्थ्य की देखभाल खुद घर में ही कर सकती हैं। स्वास्थ्य की किसी भी समस्या पर छात्राएं व महिलाएं अक्सर परिजन या डॉक्टर को न बताकर लापरवाही करती हैं। इससे यह बीमारी बढ़ जाती है। आजकल घरेलू इलाज से ही काफी समस्याएं हल हो जाती हैं। खासकर घर के बडे़ बुजुर्ग की घरेलू दवाएं भी काम आती हैं लेकिन किसी परेशानी के बढ़ने पर हर हाल में योग्य डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इस मौके पर कॉलेज प्रबंधक शिवशरण पटेल, प्रधानाचार्य सभाजीत पटेल, कमलेश कुमार, हेमराज, विनोद कुमार ,रमन सिंह, पूजा अनुरागी, धीरेंद्र कुमार, शंकर प्रसाद, देवशरण ,अभिलाष श्रीवास्तव व अजय कुमार मौजूद रहे।
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छात्राओं के सवाल-जवाब
-इंटर की छात्रा आकांक्षा देवी ने बताया कि कई बार व पेट दर्द व स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है। ऐसे में वह इससे कैसे लड़े। डॉक्टरों ने इसका निदान बताया कि भोजन पर खास ध्यान दें। छात्रा ने बताया कि उन्हें क्या खाना है क्या नहीं खाना है। इसके बारे में मिली जानकारी अच्छी रही।
-इंटर की छात्रा राधा पांडेय ने बताया कि अपराजिता के माध्यम से उन्हें पौष्टिक खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी हुई। यह जानकारी उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित रहेगी।
-हाईस्कूल की छात्रा शालिनी व रोशनी ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम के जरिए उन्हें शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर जो जानकारी मिली। यह जानकारी हमारे के लिए उपयोगी है।
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चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी ने छात्राओं को समझाया कि भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, मिनरल्स की मात्रा लें। आजकल चाऊमीन, मेमोज, फिंगर आदि चाइनीज व अधिक मसालेदार चीजों के सेवन की जगह गुड़, हल्दी दूध, हरी सब्जी, आयरन, सूखे मेवे, मोटा अनाज, गरम मसालों का इस्तेमाल अपने भोजन में करें। फास्ट फूड से स्वास्थ्य को नुकसान होता है। छात्राएं इस ओर खास ध्यान दें। लड़कियां समाज की आधारशिला हैं। वह स्वस्थ होंगी तो समाज स्वस्थ रहेगा। उनका परिवार भी खुशहाल रहेगा। अक्सर लड़कियों को यूटीआई की समस्या होती है। इससे बचने के लिए बहुत देर तक यूरिन को न रोकें। पीसीओडी की समस्या होने पर खुलकर बताएं। जिससे इलाज हो सके।
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सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी खोही के डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि सर्दी में गुनगुना पानी, टमाटर का सूप सेहत के लिए बेहतर फूड्स में शामिल किया जा सकता है। इससे छात्राएं अपने स्वास्थ्य की देखभाल खुद घर में ही कर सकती हैं। स्वास्थ्य की किसी भी समस्या पर छात्राएं व महिलाएं अक्सर परिजन या डॉक्टर को न बताकर लापरवाही करती हैं। इससे यह बीमारी बढ़ जाती है। आजकल घरेलू इलाज से ही काफी समस्याएं हल हो जाती हैं। खासकर घर के बडे़ बुजुर्ग की घरेलू दवाएं भी काम आती हैं लेकिन किसी परेशानी के बढ़ने पर हर हाल में योग्य डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इस मौके पर कॉलेज प्रबंधक शिवशरण पटेल, प्रधानाचार्य सभाजीत पटेल, कमलेश कुमार, हेमराज, विनोद कुमार ,रमन सिंह, पूजा अनुरागी, धीरेंद्र कुमार, शंकर प्रसाद, देवशरण ,अभिलाष श्रीवास्तव व अजय कुमार मौजूद रहे।
छात्राओं के सवाल-जवाब
-इंटर की छात्रा आकांक्षा देवी ने बताया कि कई बार व पेट दर्द व स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है। ऐसे में वह इससे कैसे लड़े। डॉक्टरों ने इसका निदान बताया कि भोजन पर खास ध्यान दें। छात्रा ने बताया कि उन्हें क्या खाना है क्या नहीं खाना है। इसके बारे में मिली जानकारी अच्छी रही।
-इंटर की छात्रा राधा पांडेय ने बताया कि अपराजिता के माध्यम से उन्हें पौष्टिक खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी हुई। यह जानकारी उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित रहेगी।
-हाईस्कूल की छात्रा शालिनी व रोशनी ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम के जरिए उन्हें शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर जो जानकारी मिली। यह जानकारी हमारे के लिए उपयोगी है।

28 सीकेटीपी-11-अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में जानकारी देतीं डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी । संवाद