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Chitrakoot News: बहू को मिट्टी का तेल डालकर जलाया, सास-ससुर को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:18 AM IST
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चित्रकूट। दहेज के लिए बहू की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने सास-ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र के भरकोर्रा गांव का है।
पहाड़ी थाना के चौरा गांव निवासी मुन्नीलाल ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि उसकी बेटी प्रेमा देवी (25) की शादी भरकोर्रा गांव निवासी विजय प्रताप के साथ हुई थी। शादी के लगभग पांच-छह साल बाद ससुरालीजन दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर बेटी के ससुर रामप्रताप, सास लक्ष्मीनिया, पति विजय प्रताप व ननद प्रताड़ित करने लगे थे।
आठ नवंबर 2019 की सुबह छह बजे मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया। इससे बेटी झुलस गई। तुरंत उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और हालत गंभीर होने पर प्रयागराज रेफर कर दिया गया। वहां बेटी की मौत हो गई। तहरीर पर पुलिस ने ससुरालीजन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना करते हुए तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजापुर विजयेंद्र द्विवेदी ने आरोपी पति रामप्रताप, लक्ष्मीनिया को 29 जून 2020 को गिरफ्तार किया था।
11 जुलाई 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि महिला ने अस्पताल में मजिस्ट्रेट को बयान दिया था कि सास व ननद ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई और ससुर खड़े थे। पति कुछ देर में पहुंचे और आग बुझाने के बाद अस्पताल लेकर आए हैं। इस पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज श्रीवास्तव ने पति को संदेह के आधार पर छोड़ दिया और ससुर-सास को सजा सुनाई।
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पहाड़ी थाना के चौरा गांव निवासी मुन्नीलाल ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि उसकी बेटी प्रेमा देवी (25) की शादी भरकोर्रा गांव निवासी विजय प्रताप के साथ हुई थी। शादी के लगभग पांच-छह साल बाद ससुरालीजन दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर बेटी के ससुर रामप्रताप, सास लक्ष्मीनिया, पति विजय प्रताप व ननद प्रताड़ित करने लगे थे।
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आठ नवंबर 2019 की सुबह छह बजे मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया। इससे बेटी झुलस गई। तुरंत उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और हालत गंभीर होने पर प्रयागराज रेफर कर दिया गया। वहां बेटी की मौत हो गई। तहरीर पर पुलिस ने ससुरालीजन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना करते हुए तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजापुर विजयेंद्र द्विवेदी ने आरोपी पति रामप्रताप, लक्ष्मीनिया को 29 जून 2020 को गिरफ्तार किया था।
11 जुलाई 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि महिला ने अस्पताल में मजिस्ट्रेट को बयान दिया था कि सास व ननद ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई और ससुर खड़े थे। पति कुछ देर में पहुंचे और आग बुझाने के बाद अस्पताल लेकर आए हैं। इस पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज श्रीवास्तव ने पति को संदेह के आधार पर छोड़ दिया और ससुर-सास को सजा सुनाई।