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Chitrakoot News: पहली बार डिजिटल जनगणना 2027, पूछे जाएंगे 33 सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:14 AM IST
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चित्रकूट। जिले में जनगणना 2027 इस बार पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें कागज और पेन का उपयोग नहीं किया जाएगा। यह गणना मोबाइल एप के जरिए घर-घर जाकर की जाएगी, जिसके लिए 2600 प्रगणक और 400 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में कुल 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे, जो भविष्य की सरकारी योजनाओं और बजट निर्धारण का आधार बनेंगे।
प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना कागजी फॉर्मों पर आधारित थी, जिसमें डेटा तैयार करने में काफी समय लगता था। सरकार ने इसी को देखते हुए इस बार कागज रहित गणना का निर्णय लिया है। जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलेगा, जिसमें मुख्य रूप से मकानों का सूचीकरण किया जाएगा। प्रत्येक गणना ब्लॉक में औसतन करीब 800 की आबादी शामिल होगी। शिक्षा विभाग के साथ-साथ ब्लॉक और नगर पंचायतों के कर्मचारी भी इस कार्य में लगाए जाएंगे।
जनगणना की निगरानी के लिए सुपरवाइजर तैनात होंगे, जिनके अधीन प्रगणक काम करेंगे। सभी तहसीलदारों और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को चार्ज अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देने के लिए फील्ड ट्रेनर तैयार किए गए हैं। ये ट्रेनर प्रगणकों, सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे। बाद में ये प्रशिक्षित प्रगणक व सुपरवाइजर पहले चरण में घर-घर जाकर मकानों की गिनती करेंगे और आंकड़े जुटाए जाएंगे।
जनगणना में ये पूछे जाएंगे 33 प्रश्न
जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती की जाएगी। इसके जरिए उपयोग, निर्माण सामग्री तथा स्थिति का आकलन किया जाएगा। सर्वे के दौरान कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, मकान की फर्श व दीवार व छत में प्रयुक्त सामग्री, मकान का उपयोग, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंध, मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या, विवाहित दंपती की संख्या, पेयजल का स्रोत, शौचालय की सुलभता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानगृह की उपलब्धता, रसोईघर, एलपीजी- पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो- ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्ट फोन, साइकिल, बाइक, स्कूटर, मोपेड, कार, जीप, वैन, परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज, जनगणना संबंधी सूचना के लिए मोबाइल नंबर जैसी सवाल शामिल रहेंगे।
जनगणना वर्ष 2011
कुल जनसंख्या- 991,730
पुरुष जनसंख्या- 527,721
महिला जनसंख्या- 464,009
बच्चे (0-6 वर्ष तक)-175,311
-- -- -
जनसंख्या वर्ष 2001
कुल जनसंख्या- 766,225
पुरुष जनसंख्या- 409,178
महिला जनसंख्या-357,047
बच्चे (0-6 वर्ष तक)-161,968
-- -- -- --
वर्ष 2011 की जातीय आबादी
हिंदू - 955,372
मुस्लिम - 34,559
ईसाई - 693
सिख - 63
बौद्ध - 101
जैन - 285
अन्य - 27
बाहरी -630
-- -
बोले जिम्मेदार-
जनगणना 2027 के लिए जिले में तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इसके लिए ब्लॉकवार प्रगणक व सुपरवाइजर फाइनल किए जा रहे हैं। बाद में इन्हें ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण लेने के बाद यह कर्मचारी पहले चरण में मकानों की गिनती करेंगे।
- चंद्रशेखर, एडीएम, जिला जनगणना अधिकारी
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प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना कागजी फॉर्मों पर आधारित थी, जिसमें डेटा तैयार करने में काफी समय लगता था। सरकार ने इसी को देखते हुए इस बार कागज रहित गणना का निर्णय लिया है। जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलेगा, जिसमें मुख्य रूप से मकानों का सूचीकरण किया जाएगा। प्रत्येक गणना ब्लॉक में औसतन करीब 800 की आबादी शामिल होगी। शिक्षा विभाग के साथ-साथ ब्लॉक और नगर पंचायतों के कर्मचारी भी इस कार्य में लगाए जाएंगे।
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जनगणना की निगरानी के लिए सुपरवाइजर तैनात होंगे, जिनके अधीन प्रगणक काम करेंगे। सभी तहसीलदारों और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को चार्ज अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देने के लिए फील्ड ट्रेनर तैयार किए गए हैं। ये ट्रेनर प्रगणकों, सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे। बाद में ये प्रशिक्षित प्रगणक व सुपरवाइजर पहले चरण में घर-घर जाकर मकानों की गिनती करेंगे और आंकड़े जुटाए जाएंगे।
जनगणना में ये पूछे जाएंगे 33 प्रश्न
जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती की जाएगी। इसके जरिए उपयोग, निर्माण सामग्री तथा स्थिति का आकलन किया जाएगा। सर्वे के दौरान कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, मकान की फर्श व दीवार व छत में प्रयुक्त सामग्री, मकान का उपयोग, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंध, मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या, विवाहित दंपती की संख्या, पेयजल का स्रोत, शौचालय की सुलभता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानगृह की उपलब्धता, रसोईघर, एलपीजी- पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो- ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्ट फोन, साइकिल, बाइक, स्कूटर, मोपेड, कार, जीप, वैन, परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज, जनगणना संबंधी सूचना के लिए मोबाइल नंबर जैसी सवाल शामिल रहेंगे।
जनगणना वर्ष 2011
कुल जनसंख्या- 991,730
पुरुष जनसंख्या- 527,721
महिला जनसंख्या- 464,009
बच्चे (0-6 वर्ष तक)-175,311
जनसंख्या वर्ष 2001
कुल जनसंख्या- 766,225
पुरुष जनसंख्या- 409,178
महिला जनसंख्या-357,047
बच्चे (0-6 वर्ष तक)-161,968
वर्ष 2011 की जातीय आबादी
हिंदू - 955,372
मुस्लिम - 34,559
ईसाई - 693
सिख - 63
बौद्ध - 101
जैन - 285
अन्य - 27
बाहरी -630
बोले जिम्मेदार-
जनगणना 2027 के लिए जिले में तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इसके लिए ब्लॉकवार प्रगणक व सुपरवाइजर फाइनल किए जा रहे हैं। बाद में इन्हें ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण लेने के बाद यह कर्मचारी पहले चरण में मकानों की गिनती करेंगे।
- चंद्रशेखर, एडीएम, जिला जनगणना अधिकारी