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Chitrakoot News: सरकारी केंद्रों में ही गेहूं बेच रहे किसान, गल्ला मंडी में पसरा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:13 AM IST
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फोटो 20 सीकेटीपी 12 सरकारी केंद्र में गेहूं तौलते मजदूर-संवाद
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चित्रकूट। इस साल गल्ला मंडी में गेहूं के दाम कम मिले हैं। इसलिए किसान सरकारी क्रय केंद्रों में अपनी उपज बेच रहे हैं। इसके चलते गल्ला मंडी में सन्नाटा पसरा हुआ है। गल्ला मंडी में गेहूं 2200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वहीं, क्रय केंद्रों पर यह 2605 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जा रहा है।
जिले में कुल 35 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू हुई है। इन केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसान सुबह से ही पहुंच रहे हैं। एक केंद्र पर सात से आठ ट्रैक्टर खड़े रहते हैं। इससे क्रय केंद्र प्रभारी को गेहूं की तौल कराने और रखवाने में देर शाम हो जाती है। गल्ला मंडी के आढ़तियों के यहां किसान कभी-कभार ही पहुंचते हैं। आढ़तिया गिरजा शंकर और मनधीर सिंह ने बताया कि बड़े शहरों में गेहूं की मांग कम होने से दाम गिरे हैं। उन्हें इस साल घाटा होने की चिंता सता रही है। गढ़ी घाट के किसान रामफल और सपहा निवासी रामस्वरुप ने बताया कि पिछले साल उन्होंने गल्ला मंडी में तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बेचा था।
क्रय केंद्रों पर किसानों की भीड़
इस साल किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर 2605 रुपये प्रति क्विंटल का बेहतर भाव मिल रहा है। किसानों को गेहूं बेचने के दो दिन के अंदर ही उनके खाते में रुपये भी मिल जाते हैं। विपणन शाखा के प्रभारी विनय तिवारी ने जानकारी दी कि पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक किसान गेहूं बेचने के लिए आ रहे हैं। यह सुविधा किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।
दोगुनी हुई गेहूं की खरीद
जिला विपणन अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि जिले में अब तक कुल 2,41427 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यह पिछले वर्ष की अपेक्षा अभी तक दोगुनी खरीद है। सरकारी केंद्रों पर अच्छे दाम और त्वरित भुगतान मिलने से किसानों का रुझान बढ़ा है। इससे जिले में गेहूं खरीद का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
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जिले में कुल 35 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू हुई है। इन केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसान सुबह से ही पहुंच रहे हैं। एक केंद्र पर सात से आठ ट्रैक्टर खड़े रहते हैं। इससे क्रय केंद्र प्रभारी को गेहूं की तौल कराने और रखवाने में देर शाम हो जाती है। गल्ला मंडी के आढ़तियों के यहां किसान कभी-कभार ही पहुंचते हैं। आढ़तिया गिरजा शंकर और मनधीर सिंह ने बताया कि बड़े शहरों में गेहूं की मांग कम होने से दाम गिरे हैं। उन्हें इस साल घाटा होने की चिंता सता रही है। गढ़ी घाट के किसान रामफल और सपहा निवासी रामस्वरुप ने बताया कि पिछले साल उन्होंने गल्ला मंडी में तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बेचा था।
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क्रय केंद्रों पर किसानों की भीड़
इस साल किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर 2605 रुपये प्रति क्विंटल का बेहतर भाव मिल रहा है। किसानों को गेहूं बेचने के दो दिन के अंदर ही उनके खाते में रुपये भी मिल जाते हैं। विपणन शाखा के प्रभारी विनय तिवारी ने जानकारी दी कि पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक किसान गेहूं बेचने के लिए आ रहे हैं। यह सुविधा किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।
दोगुनी हुई गेहूं की खरीद
जिला विपणन अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि जिले में अब तक कुल 2,41427 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यह पिछले वर्ष की अपेक्षा अभी तक दोगुनी खरीद है। सरकारी केंद्रों पर अच्छे दाम और त्वरित भुगतान मिलने से किसानों का रुझान बढ़ा है। इससे जिले में गेहूं खरीद का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।

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