{"_id":"69c02bf6aa8091c4fd0a8ba6","slug":"fast-food-business-stalled-due-to-non-availability-of-commercial-cylinders-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-128669-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से फास्ट फूड कारोबार ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से फास्ट फूड कारोबार ठप
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
फोटो न- 22सीकेटीपी 35 बस स्टैंड के पास बंद रेहड़ी। संवाद
विज्ञापन
चित्रकूट। शहर में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगने से फास्ट फूड कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एक सैकड़ा से अधिक युवक जो फुटपाथ पर ठेले लगाकर यह कारोबार करते थे, अब मुश्किल में हैं। कई युवकों ने अपना कारोबार बंद कर दिया है, जबकि कुछ महंगे दामों पर लकड़ी खरीदकर काम चलाने को मजबूर हैं।
पश्चिमी एशिया में छिड़े तनाव के चलते देश में गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे यहां पर गैस सिलिंडर की किल्लत मची है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इससे ठेले वालों को व्यावसायिक सिलिंडर मिल नहीं पा रहे हैं। शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-मिर्जापुर, कर्वी पहाड़ी मार्ग और बाईपास मार्ग के फुटपाथ किनारे सैकड़ों की संख्या में रेहड़ी पर फास्ट फूड, लिट्टी चोखा और अन्य खाने-पीने की सामग्री बेची जाती है लेकिन इन्हें सिलिंडर न मिलने से इनका कारोबार न सिर्फ चौपट हो गया है, बल्कि ये अपनी रेहड़ी बंद कर घरों को चले गए हैं। अस्थायी रोडवेज बस स्टैंड पर फास्ट फूड बेचने वाले रोहित कुमार ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्होंने दो दिन से कारोबार बंद कर दिया है। पटेल तिराहा के पास लिट्टी चोखा बेचने वाले हेमंत नारायण के पास दो भरे सिलिंडर थे, जो अब खत्म होने वाले हैं। उन्होंने चिंता जताई कि गैस खत्म होने पर काम कैसे चलेगा। जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति में शासन की तरफ से प्रतिबंध लगा दिया है।
-- -- -- -- -- केस नं-एक
फोटो 22 सीकेटीपी 37 मैयादीन। संवाद
700 रुपये क्विंटल लकड़ी खरीदने को मजबूर
एक शहर के पटेल तिराहा के पास फास्ट फूड बेचने वाले मैयादीन केसरवानी ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। इसके कारण भट्टी खरीदकर लकड़ी से काम चला रहे हैं। लकड़ी भी महंगी हो गई है। सात सौ रुपये क्विंटल लकड़ी दे रहे हैं। परिवार का पालन-पोषण करना है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
केस नं दो
फोटो 22 सीकेटीपी 38 मोनी केसरवानी। संवाद
लकड़ी भट्ठी खरीदकर चला रहे काम
सिलिंडर न मिलने से एक शहर के ब्लॉक कार्यालय के सामने छोला व भटूरा बेचने वाले मोनी केसरवानी ने बताया कि गैस नहीं मिलने के कारण दो दिन कारोबार बंद रहा। इसके बाद बाजार से लकड़ी भट्टी खरीदकर काम चला रहा है। बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले कई युवक इसका कारोबार करते हैं। गैस नहीं मिलने के कारण कई अपने घर चले गए।
Trending Videos
पश्चिमी एशिया में छिड़े तनाव के चलते देश में गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे यहां पर गैस सिलिंडर की किल्लत मची है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इससे ठेले वालों को व्यावसायिक सिलिंडर मिल नहीं पा रहे हैं। शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-मिर्जापुर, कर्वी पहाड़ी मार्ग और बाईपास मार्ग के फुटपाथ किनारे सैकड़ों की संख्या में रेहड़ी पर फास्ट फूड, लिट्टी चोखा और अन्य खाने-पीने की सामग्री बेची जाती है लेकिन इन्हें सिलिंडर न मिलने से इनका कारोबार न सिर्फ चौपट हो गया है, बल्कि ये अपनी रेहड़ी बंद कर घरों को चले गए हैं। अस्थायी रोडवेज बस स्टैंड पर फास्ट फूड बेचने वाले रोहित कुमार ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्होंने दो दिन से कारोबार बंद कर दिया है। पटेल तिराहा के पास लिट्टी चोखा बेचने वाले हेमंत नारायण के पास दो भरे सिलिंडर थे, जो अब खत्म होने वाले हैं। उन्होंने चिंता जताई कि गैस खत्म होने पर काम कैसे चलेगा। जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति में शासन की तरफ से प्रतिबंध लगा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो 22 सीकेटीपी 37 मैयादीन। संवाद
700 रुपये क्विंटल लकड़ी खरीदने को मजबूर
एक शहर के पटेल तिराहा के पास फास्ट फूड बेचने वाले मैयादीन केसरवानी ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। इसके कारण भट्टी खरीदकर लकड़ी से काम चला रहे हैं। लकड़ी भी महंगी हो गई है। सात सौ रुपये क्विंटल लकड़ी दे रहे हैं। परिवार का पालन-पोषण करना है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
केस नं दो
फोटो 22 सीकेटीपी 38 मोनी केसरवानी। संवाद
लकड़ी भट्ठी खरीदकर चला रहे काम
सिलिंडर न मिलने से एक शहर के ब्लॉक कार्यालय के सामने छोला व भटूरा बेचने वाले मोनी केसरवानी ने बताया कि गैस नहीं मिलने के कारण दो दिन कारोबार बंद रहा। इसके बाद बाजार से लकड़ी भट्टी खरीदकर काम चला रहा है। बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले कई युवक इसका कारोबार करते हैं। गैस नहीं मिलने के कारण कई अपने घर चले गए।

फोटो न- 22सीकेटीपी 35 बस स्टैंड के पास बंद रेहड़ी। संवाद

फोटो न- 22सीकेटीपी 35 बस स्टैंड के पास बंद रेहड़ी। संवाद

फोटो न- 22सीकेटीपी 35 बस स्टैंड के पास बंद रेहड़ी। संवाद