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Chitrakoot News: फसल बीमा योजना में गड़बड़झाला... बोया गेहूं, चने का मांग रहे मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:49 PM IST
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चित्रकूट। तहसील कर्वी के सुदिनपुर गांव के किसान कामता प्रसाद ने वर्ष 2025 में अपने खेत में चने की फसल बोई थी।दैवीय आपदा से इस फसल को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन किया था। इनके आवेदन पर बीमा कंपनी की टीम जांच करने मौके पर पहुंची। यहां आवेदक के दर्शाए गए खेत में चने की जगह पर गेहूं की फसल बोई मिली। यह देख टीम ने इनका आवेदन खारिज कर दिया। इसी तरह तहसील कर्वी के काड़ी खेड़ा गांव के किसान नरेश ने भी गेहूं फसल का बीमा कराने के लिए आवेदन किया था। मगर जब टीम खेत पहुंची तो वहां पर गेहूं के स्थान पर चने की फसल बोई मिली।
कामता और नरेश अकेले नहीं, चित्रकूट जनपद में ऐसे ही कई किसान हैं, जिन्होंने रबी और खरीफ फसल का बीमा कराने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन किया था। विभाग को मिले आवेदनों की जांच कराई गई तो जांच करने गई बीमा कंपनी की टीम वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। टीम ने पाया कि आवेदक ने जिस फसल का बीमा के लिए आवेदन किया था, वह फसल खेत में थी ही नहीं। गेहूं की जगह चना तो चना के स्थान पर खेत में गेहूं की फसल मिली। यही नहीं सरसों की जगह कई खेतों में अरहर मिली। मौका मुआयना में फर्जीवाड़ा मिलने पर बीमा कंपनी की टीम ने रबी सीजन में 117 व खरीफ सीजन में 136 आवेदन निरस्त कर दिए।
क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि, पाला, एवं कीट व्याधि से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत किसान अपनी फसल का बीमा कराते हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें मुआवजा मिल सके।
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वर्ष 2025 में किसानों के आवेदन का ब्योरा
रबी सीजन- 96638
खरीफ सीजन- 105655
बोले जिम्मेदार-- -- --
यह फर्जीवाड़ा एक विशेष तरीके से किया जा रहा है। किसानों द्वारा एक ही खेत के अलग-अलग रकबे में विभिन्न फसलें बोई जाती हैं। इसके बाद, जिस रकबे में उन्होंने बीमा के लिए आवेदन किया है, उससे अलग फसल बोई गई है।
प्रदीप शुक्ला, जिला समन्वयक बीमा कंपनी
कामता और नरेश अकेले नहीं, चित्रकूट जनपद में ऐसे ही कई किसान हैं, जिन्होंने रबी और खरीफ फसल का बीमा कराने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन किया था। विभाग को मिले आवेदनों की जांच कराई गई तो जांच करने गई बीमा कंपनी की टीम वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। टीम ने पाया कि आवेदक ने जिस फसल का बीमा के लिए आवेदन किया था, वह फसल खेत में थी ही नहीं। गेहूं की जगह चना तो चना के स्थान पर खेत में गेहूं की फसल मिली। यही नहीं सरसों की जगह कई खेतों में अरहर मिली। मौका मुआयना में फर्जीवाड़ा मिलने पर बीमा कंपनी की टीम ने रबी सीजन में 117 व खरीफ सीजन में 136 आवेदन निरस्त कर दिए।
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क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि, पाला, एवं कीट व्याधि से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत किसान अपनी फसल का बीमा कराते हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें मुआवजा मिल सके।
वर्ष 2025 में किसानों के आवेदन का ब्योरा
रबी सीजन- 96638
खरीफ सीजन- 105655
बोले जिम्मेदार
यह फर्जीवाड़ा एक विशेष तरीके से किया जा रहा है। किसानों द्वारा एक ही खेत के अलग-अलग रकबे में विभिन्न फसलें बोई जाती हैं। इसके बाद, जिस रकबे में उन्होंने बीमा के लिए आवेदन किया है, उससे अलग फसल बोई गई है।
प्रदीप शुक्ला, जिला समन्वयक बीमा कंपनी