{"_id":"6a6f878d469f8ced930df74d","slug":"madfa-hills-panchmukhi-shiva-temple-lacks-development-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-134487-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: मड़फा पहाड़ का पंचमुखी शिव मंदिर विकास से दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: मड़फा पहाड़ का पंचमुखी शिव मंदिर विकास से दूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो 02 सीकेटीपी 22 मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी मंदिर। संवाद
फोटो 02 सीकेटीपी 23 मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी मंदिर जाने वाली सीढ़ियां। संवाद
फोटो 02 सीकेटीपी 24 मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी मंदिर में दर्शन करते भक्त। संवाद
-बिजली न पानी की सुविधा, मंदिर की 600 सीढ़ियों पर रेलिंग भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। भरतकूप क्षेत्र के मानपुर गांव के पास ऋषि मांडव्य की तपोभूमि रही मड़फा पहाड़ पर भगवान शंकर का पंचमुखी शिवमंदिर है। दुर्गम पहाड़ी पर स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में पहुंचना आसान नहीं है। पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस स्थान पर न तो बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही सीढ़ियों पर रेलिंग। जंगली इलाका होने से श्रद्धालुओं को अनहोनी का अलग से डर सताता है।
भरतकूप से करीब दस किलोमीटर दूर मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी शिव मंदिर है। यहां तक पहुंचने के लिए 600 सीढ़ियां हैं। इसी पहाड़ पर ऋषि मांडव्य ने तपस्या की थी और यही पर चंदेलकालीन किला भी बना है, हालांकि यह किला खंडहर हो चुका है। भरतकूप निवासी देशराज गर्ग, कल्लू गुप्ता और दिनेश सिंह कहते हैं कि मंदिर में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है। श्रद्धालु पहाड़ के नीचे लगे हैंडपंप से पानी लेकर पहुंचते हैं। सीढ़ियों पर रेलिंग न होने से चढ़ने-उतरने में डर लगता है। पहाड़ के नीचे बने सामुदायिक शौचालय भी वर्षों से बंद है।
यह इलाका एक दशक से अधिक समय तक दस्यु प्रभावित रहा लेकिन अब श्रद्धालु मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी शिव मंदिर को दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालु राम खेलावन और नंद किशोर मिश्रा ने बताया कि सावन माह में यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए क्षेत्र के विकास की मांग की।
विज्ञापन
बोले जिम्मेदार-- -- -
मड़फा पहाड़ मंदिर का सुंदरीकरण कराया गया है। यहां पर बने किलों का इको टूरिज्म योजना से कराया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।-बीके शर्मा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ।
विज्ञापन
फोटो 02 सीकेटीपी 23 मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी मंदिर जाने वाली सीढ़ियां। संवाद
फोटो 02 सीकेटीपी 24 मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी मंदिर में दर्शन करते भक्त। संवाद
-बिजली न पानी की सुविधा, मंदिर की 600 सीढ़ियों पर रेलिंग भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। भरतकूप क्षेत्र के मानपुर गांव के पास ऋषि मांडव्य की तपोभूमि रही मड़फा पहाड़ पर भगवान शंकर का पंचमुखी शिवमंदिर है। दुर्गम पहाड़ी पर स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में पहुंचना आसान नहीं है। पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस स्थान पर न तो बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही सीढ़ियों पर रेलिंग। जंगली इलाका होने से श्रद्धालुओं को अनहोनी का अलग से डर सताता है।
भरतकूप से करीब दस किलोमीटर दूर मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी शिव मंदिर है। यहां तक पहुंचने के लिए 600 सीढ़ियां हैं। इसी पहाड़ पर ऋषि मांडव्य ने तपस्या की थी और यही पर चंदेलकालीन किला भी बना है, हालांकि यह किला खंडहर हो चुका है। भरतकूप निवासी देशराज गर्ग, कल्लू गुप्ता और दिनेश सिंह कहते हैं कि मंदिर में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है। श्रद्धालु पहाड़ के नीचे लगे हैंडपंप से पानी लेकर पहुंचते हैं। सीढ़ियों पर रेलिंग न होने से चढ़ने-उतरने में डर लगता है। पहाड़ के नीचे बने सामुदायिक शौचालय भी वर्षों से बंद है।
विज्ञापन
यह इलाका एक दशक से अधिक समय तक दस्यु प्रभावित रहा लेकिन अब श्रद्धालु मड़फा पहाड़ पर स्थित पंचमुखी शिव मंदिर को दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालु राम खेलावन और नंद किशोर मिश्रा ने बताया कि सावन माह में यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए क्षेत्र के विकास की मांग की।
विज्ञापन
बोले जिम्मेदार
मड़फा पहाड़ मंदिर का सुंदरीकरण कराया गया है। यहां पर बने किलों का इको टूरिज्म योजना से कराया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।-बीके शर्मा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ।