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Chitrakoot News: पीएम मानधन योजना के मिला 10 हजार का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:11 PM IST
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चित्रकूट। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत चित्रकूट जिले को 10 हजार पंजीकरण कराने का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों को भी विशिष्ट लक्ष्य सौंपे गए हैं, जिसके लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लाई गई है। योजना के तहत, 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर लाभार्थियों को मासिक पेंशन मिलेगी, जिसके लिए उन्हें अपनी आयु के अनुसार हर महीने एक निश्चित धनराशि जमा करनी होगी।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले ऐसे श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा देना है जिनके पास भविष्य में आय का कोई नियमित स्रोत नहीं है। इसमें मुख्य रूप से मजदूर, रेहड़ी-पटरी विक्रेता, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक और दिहाड़ी श्रमिक शामिल हैं। योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक उठा सकते हैं। इस वर्ष 2026 तक जिले को दस हजार नए पंजीकरण कराने का लक्ष्य मिला है।
योजना के लाभ और आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए, आवेदन करने वाले व्यक्ति की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। लाभार्थी को अपनी आयु के अनुसार 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक मासिक अंशदान योजना में जमा करना होगा। 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद, उन्हें प्रतिमाह तीन हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। यदि पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उनके आश्रितों को 50 प्रतिशत पेंशन मिलती रहेगी, जिससे परिवार को निरंतर आर्थिक संबल प्राप्त होता रहेगा।
जागरूकता अभियान और लक्ष्य प्राप्ति
प्रत्येक ग्राम पंचायत को 30-30 लोगों के पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को सौंपी गई है। वहीं, नगर पालिका कर्वी और नगर पंचायतों राजापुर, मानिकपुर व मऊ को सौ-सौ पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को नामित किया गया है। लक्ष्य पूरा न करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों में नुक्कड़ नाटक, सभाओं और अन्य माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
क्या बोले जिम्मेदार
मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर पंचायत व गांवों को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। लोगाें को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। आरके गुप्ता, सहायक श्रमायुक्त।
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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले ऐसे श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा देना है जिनके पास भविष्य में आय का कोई नियमित स्रोत नहीं है। इसमें मुख्य रूप से मजदूर, रेहड़ी-पटरी विक्रेता, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक और दिहाड़ी श्रमिक शामिल हैं। योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक उठा सकते हैं। इस वर्ष 2026 तक जिले को दस हजार नए पंजीकरण कराने का लक्ष्य मिला है।
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योजना के लाभ और आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए, आवेदन करने वाले व्यक्ति की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। लाभार्थी को अपनी आयु के अनुसार 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक मासिक अंशदान योजना में जमा करना होगा। 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद, उन्हें प्रतिमाह तीन हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। यदि पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उनके आश्रितों को 50 प्रतिशत पेंशन मिलती रहेगी, जिससे परिवार को निरंतर आर्थिक संबल प्राप्त होता रहेगा।
जागरूकता अभियान और लक्ष्य प्राप्ति
प्रत्येक ग्राम पंचायत को 30-30 लोगों के पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को सौंपी गई है। वहीं, नगर पालिका कर्वी और नगर पंचायतों राजापुर, मानिकपुर व मऊ को सौ-सौ पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को नामित किया गया है। लक्ष्य पूरा न करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों में नुक्कड़ नाटक, सभाओं और अन्य माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
क्या बोले जिम्मेदार
मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर पंचायत व गांवों को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। लोगाें को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। आरके गुप्ता, सहायक श्रमायुक्त।