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Chitrakoot News: आयुष अस्पताल में दवाओं का टोटा, मरीज परेशान
Wed, 01 Jul 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:05 AM IST
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चित्रकूट। जिला आयुष चिकित्सालय में आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं की कमी से मरीज परेशान हैं। प्रतिदिन 100 से 150 से अधिक मरीज दिखाने आ रहे हैं। इनको आवश्यक दवाएं न मिलने के कारण निजी मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
अस्पताल में अधीक्षक सहित केवल दो चिकित्सक तैनात हैं। डॉक्टरों ने बताया कि कुछ दवाओं की आपूर्ति हाल ही में हुई है। हर छह महीने में मांग भेजी जाती है। पेट संबंधी रोगों की अग्नितुंडी वटी, उच्च रक्तचाप की सर्पगंधा वटी और प्रसूताओं के लिए दशमूलारिष्ट समेत कई आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। यूनानी पद्धति में सर्दी-जुकाम की शरबत-ए-उन्नाब और जोड़ों के दर्द का रोगन सुर्ख तेल भी नहीं मिल रहा है। कल्पना तिवारी और अर्जुन सिंह ने बताया कि बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पिछली वित्तीय वर्ष में भेजी गई दवाओं की मांग सूची पूरी हो चुकी है। ये सभी दवाएं अब अस्पताल के भंडार में उपलब्ध हैं। त्रिपाठी ने आगे कहा कि शेष आवश्यक दवाओं की व्यवस्था अगले बजट में की जाएगी।
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अस्पताल में अधीक्षक सहित केवल दो चिकित्सक तैनात हैं। डॉक्टरों ने बताया कि कुछ दवाओं की आपूर्ति हाल ही में हुई है। हर छह महीने में मांग भेजी जाती है। पेट संबंधी रोगों की अग्नितुंडी वटी, उच्च रक्तचाप की सर्पगंधा वटी और प्रसूताओं के लिए दशमूलारिष्ट समेत कई आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। यूनानी पद्धति में सर्दी-जुकाम की शरबत-ए-उन्नाब और जोड़ों के दर्द का रोगन सुर्ख तेल भी नहीं मिल रहा है। कल्पना तिवारी और अर्जुन सिंह ने बताया कि बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पिछली वित्तीय वर्ष में भेजी गई दवाओं की मांग सूची पूरी हो चुकी है। ये सभी दवाएं अब अस्पताल के भंडार में उपलब्ध हैं। त्रिपाठी ने आगे कहा कि शेष आवश्यक दवाओं की व्यवस्था अगले बजट में की जाएगी।
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