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Chitrakoot News: प्राचीन सोमनाथ शिव मंदिर का 1.92 करोड़ रुपये से होगा जीर्णोद्धार
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:33 PM IST
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फोटो 16सीकेटीपी 06 मंदिर में रखी मूर्तियों की जानकारी लेते डीएम व अन्य। संवाद
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चित्रकूट। धर्मनगरी के चर गांव में स्थित प्राचीन सोमनाथ शिव मंदिर का जल्द ही कायाकल्प किया जाएगा। पर्यटन विभाग इस मंदिर के जीर्णोद्धार पर 1.92 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस परियोजना से मंदिर की भव्यता बहाल होगी और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
पर्यटन विभाग के अनुसार, मंदिर परिसर में बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही मुख्य प्रवेश द्वार को भव्यता प्रदान की जाएगी। इस परिसर में इंटरलॉकिंग बिछेगी और स्वच्छता के लिए डस्टबिन रखे जाएंगे। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए फैंसी बेंच भी लगेंगी। वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल भी विकसित किया जाएगा। दिशा सूचक साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे। पेयजल के लिए बोरिंग और सबमर्सिबल की व्यवस्था होगी। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रसाधन भी बनेंगे। परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए पौधरोपण भी किया जाएगा।
ऐतिहासिक और स्थापत्य महत्व
यह प्राचीन शिव मंदिर दक्षिण भारत के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर बना है। यह अपनी बेजोड़ शिल्प कला के लिए विख्यात है। मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। पुजारी के अनुसार यह स्थल हजारों वर्ष पुराना है और यहां प्राचीन शिवलिंग हैं। मुगल शासक औरंगजेब के आक्रमण में कई मूर्तियां खंडित हुई थीं। यह मंदिर कभी पूरी पहाड़ी पर फैला था, पर अब खंडहरनुमा बचा है। इसमें अष्टकोणीय मंडप है और छत गिर चुकी है। गर्भगृह में एक शिवलिंग स्थापित है।
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चर गांव के खंडहर सोमनाथ मंदिर को भव्यता प्रदान करने के लिए पर्यटन विभाग से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्राचीन मंदिरों और खंडित मूर्तियों के ऐतिहासिक महत्व को संजोए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने पर जोर है।- पुलकित गर्ग, डीएम।
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पर्यटन विभाग के अनुसार, मंदिर परिसर में बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही मुख्य प्रवेश द्वार को भव्यता प्रदान की जाएगी। इस परिसर में इंटरलॉकिंग बिछेगी और स्वच्छता के लिए डस्टबिन रखे जाएंगे। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए फैंसी बेंच भी लगेंगी। वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल भी विकसित किया जाएगा। दिशा सूचक साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे। पेयजल के लिए बोरिंग और सबमर्सिबल की व्यवस्था होगी। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रसाधन भी बनेंगे। परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए पौधरोपण भी किया जाएगा।
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ऐतिहासिक और स्थापत्य महत्व
यह प्राचीन शिव मंदिर दक्षिण भारत के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर बना है। यह अपनी बेजोड़ शिल्प कला के लिए विख्यात है। मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। पुजारी के अनुसार यह स्थल हजारों वर्ष पुराना है और यहां प्राचीन शिवलिंग हैं। मुगल शासक औरंगजेब के आक्रमण में कई मूर्तियां खंडित हुई थीं। यह मंदिर कभी पूरी पहाड़ी पर फैला था, पर अब खंडहरनुमा बचा है। इसमें अष्टकोणीय मंडप है और छत गिर चुकी है। गर्भगृह में एक शिवलिंग स्थापित है।
चर गांव के खंडहर सोमनाथ मंदिर को भव्यता प्रदान करने के लिए पर्यटन विभाग से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्राचीन मंदिरों और खंडित मूर्तियों के ऐतिहासिक महत्व को संजोए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने पर जोर है।- पुलकित गर्ग, डीएम।

फोटो 16सीकेटीपी 06 मंदिर में रखी मूर्तियों की जानकारी लेते डीएम व अन्य। संवाद