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Chitrakoot News: कम सिंचाई वाली चने की खेती का 1782 हेक्टेयर रकबा बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:16 PM IST
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फोटो 22सीकेटीपी 02 रामनगर क्षेत्र में खेत में खड़ी चना फसल देखते किसान। संवाद
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चित्रकूट। जिले में चने की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ का जरिया बन रही है। इस वर्ष जिले में 26012 हेक्टेयर भूमि पर चने की फसल लगाई गई है। पिछले साल यह रकबा 24230 हेक्टेयर था। ऐसे में 1782 हेक्टेयर रकबे में वृद्धि दर्ज की गई है।
चना की फसल की पकने के साथ कटाई भी शुरू हो गई है। यह फसल सूखी भूमि में उगने और कम सिंचाई की आवश्यकता के कारण किसानों के लिए विशेष पहचान बना चुकी है। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वैज्ञानिक मनोज शर्मा ने बताया कि चने की फसल में धान या गेहूं की तरह अधिक खाद, बीज और श्रम की आवश्यकता नहीं होती। सामान्यता अच्छी जुताई, संतुलित मात्रा में बीज, बेसिक खाद और दो-तीन सिंचाई ही पर्याप्त मानी जाती है।
प्रगतिशील किसान योगेश जैन ने बताया कि एक बीघे में चने की फसल लगाने में तीन से चार हजार रुपये की लागत आती है। इसमें खाद कम लगने के साथ ही सिंचाई भी अधिक नहीं करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि एक बीघे से चार क्विंटल चने की पैदावार होती है। वर्तमान में बाजार में एक क्विंटल चना सात हजार रुपये में बिक रहा है। इस प्रकार किसान एक बीघे से अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।
प्रगतिशील किसान शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि चने की दाल पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रोटीन से भरपूर होने के कारण बाजार में इसकी मांग रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि चने से बेसन बनाकर भी बेचा जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होती है।
उप कृषि अधिकारी रामकुमार ने बताया कि बुंदेलखंड की भूमि चने की खेती के लिए अच्छी है। उन्होंने पुष्टि की कि जिले में इस समय 26012 हेक्टेयर में चने की फसल लगी है।
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चना की फसल की पकने के साथ कटाई भी शुरू हो गई है। यह फसल सूखी भूमि में उगने और कम सिंचाई की आवश्यकता के कारण किसानों के लिए विशेष पहचान बना चुकी है। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वैज्ञानिक मनोज शर्मा ने बताया कि चने की फसल में धान या गेहूं की तरह अधिक खाद, बीज और श्रम की आवश्यकता नहीं होती। सामान्यता अच्छी जुताई, संतुलित मात्रा में बीज, बेसिक खाद और दो-तीन सिंचाई ही पर्याप्त मानी जाती है।
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प्रगतिशील किसान योगेश जैन ने बताया कि एक बीघे में चने की फसल लगाने में तीन से चार हजार रुपये की लागत आती है। इसमें खाद कम लगने के साथ ही सिंचाई भी अधिक नहीं करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि एक बीघे से चार क्विंटल चने की पैदावार होती है। वर्तमान में बाजार में एक क्विंटल चना सात हजार रुपये में बिक रहा है। इस प्रकार किसान एक बीघे से अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।
प्रगतिशील किसान शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि चने की दाल पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रोटीन से भरपूर होने के कारण बाजार में इसकी मांग रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि चने से बेसन बनाकर भी बेचा जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होती है।
उप कृषि अधिकारी रामकुमार ने बताया कि बुंदेलखंड की भूमि चने की खेती के लिए अच्छी है। उन्होंने पुष्टि की कि जिले में इस समय 26012 हेक्टेयर में चने की फसल लगी है।