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Chitrakoot News: खंभे में बांधकर तीन को पीटने के मामले दो वन दरोगा हटाए
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- दोनों को कार्यालय से किया संबंद्ध, निविदा कर्मी की समाप्त होगी सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मारकुंडी रेंज के जंगल में लकड़ी काटने के आरोप में तीन लोगों को खंभे में बांधकर पीटने के मामले की जांच के बाद दो वन दरोगा को कार्यालय से संबद्ध कर एक दैनिक भोगी कर्मी को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी पूरे मामले की जांच जारी है। वहीं लोगों का कहना है कि वह एक निमंत्रण से लौट रहे थे, रास्ते से वन कर्मियों ने पकड़ा था।
जारो माफी निवासी राधे कोल, लवकुश कोल, रामशरण कोल और सुनील कोल रात में सतना के मझगवा से एक तिलक समारोह से ऑटो से लौट रहे थे। टिकारिया रेलवे क्रासिंग के पास वन विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ लिया था और कार्यालय ले गए थे। वहां खंभे में गमछा से बांध कर जमकर पिटाई की और लकड़ी काटने के आरोप में 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया था। पीटने के बाद परिजनों को बुलाकर जुर्माना भी जबरदस्ती जमा करा लिया था। वहां से छूटने के बाद सीएचसी मानिकपुर गए और इलाज कराया।
अमर उजाला ने प्रमुखता से इस खबर को प्रकाशित किया तो वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच में वन कर्मियों द्वारा पिटाई करने की पुष्टि हुई और वन दरोगा उमेश कुमार शुक्ला व रामभवन को मारकुंडी रेंज प्रथम से हटा कर वनाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। साथ ही वाचर लालजी की सेवा समाप्ति के लिए पत्र भेजा गया है। एसडीओ गोविंद प्रसाद पटेल ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने वन कर्मियों के साथ अभद्रता की थी। मौके से खैर पेड़ की लकड़ी व कुल्हाड़ी मिली है। वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही लोगों को पीटने के मामले में दो वन दरोगा को बीट से हटा कर कार्यालय में संबद्ध किया गया है। दैनिक भोगी कर्मी की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया की जा रही है। अब वहां दूसरे कर्मियों को भेजा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मारकुंडी रेंज के जंगल में लकड़ी काटने के आरोप में तीन लोगों को खंभे में बांधकर पीटने के मामले की जांच के बाद दो वन दरोगा को कार्यालय से संबद्ध कर एक दैनिक भोगी कर्मी को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी पूरे मामले की जांच जारी है। वहीं लोगों का कहना है कि वह एक निमंत्रण से लौट रहे थे, रास्ते से वन कर्मियों ने पकड़ा था।
जारो माफी निवासी राधे कोल, लवकुश कोल, रामशरण कोल और सुनील कोल रात में सतना के मझगवा से एक तिलक समारोह से ऑटो से लौट रहे थे। टिकारिया रेलवे क्रासिंग के पास वन विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ लिया था और कार्यालय ले गए थे। वहां खंभे में गमछा से बांध कर जमकर पिटाई की और लकड़ी काटने के आरोप में 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया था। पीटने के बाद परिजनों को बुलाकर जुर्माना भी जबरदस्ती जमा करा लिया था। वहां से छूटने के बाद सीएचसी मानिकपुर गए और इलाज कराया।
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अमर उजाला ने प्रमुखता से इस खबर को प्रकाशित किया तो वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच में वन कर्मियों द्वारा पिटाई करने की पुष्टि हुई और वन दरोगा उमेश कुमार शुक्ला व रामभवन को मारकुंडी रेंज प्रथम से हटा कर वनाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। साथ ही वाचर लालजी की सेवा समाप्ति के लिए पत्र भेजा गया है। एसडीओ गोविंद प्रसाद पटेल ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने वन कर्मियों के साथ अभद्रता की थी। मौके से खैर पेड़ की लकड़ी व कुल्हाड़ी मिली है। वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही लोगों को पीटने के मामले में दो वन दरोगा को बीट से हटा कर कार्यालय में संबद्ध किया गया है। दैनिक भोगी कर्मी की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया की जा रही है। अब वहां दूसरे कर्मियों को भेजा जाएगा।