{"_id":"69cac63c42502e5b910c88b7","slug":"wheat-procurement-centers-opened-amid-half-hearted-preparations-but-farmers-failed-to-arrive-on-the-first-day-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-129020-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: आधी-अधूरी तैयारियों के बीच खुले गेहूं खरीद केंद्र खुले, पहले दिन किसान नहीं पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: आधी-अधूरी तैयारियों के बीच खुले गेहूं खरीद केंद्र खुले, पहले दिन किसान नहीं पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:21 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। गेहूं खरीद केंद्र तो खुल गए हैं, लेकिन पहले दिन तैयारियां अधूरी रहीं। वहीं कोई भी किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचा। कई केंद्रों पर बैनर टांगे जा रहे थे तो कहीं सफाई चल रही थी। क्रय केंद्रों पर बोरियों की भी कमी देखी गई। शहर की मंडी में विपणन शाखा और पीसीएफ केंद्र खुले थे, पर पहले दिन किसी किसान ने पंजीकरण नहीं कराया। हालांकि, कुछ किसान जानकारी लेने जरूर पहुंचे।
इस वर्ष जिले में 35 केंद्र खोले गए हैं, जिनमें कर्वी तहसील में 14, मानिकपुर में पांच, राजापुर में सात और मऊ तहसील में नौ केंद्र शामिल हैं। इनके अलावा तीन मोबाइल क्रय केंद्र भी बनाए गए हैं। जिले में 16 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक करीब 1600 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
सवा तीन लाख बोरियों की आवश्यकता है, जबकि केवल 85 हजार बोरियां ही उपलब्ध हैं। शेष बोरियां मंगाई गई हैं। खरीद प्रक्रिया ई-पॉस मशीन के माध्यम से की जा रही है, जिसमें किसानों को अंगूठा लगाना होगा। यदि अंगूठा नहीं लगा तो आँख स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। किसान टोल फ्री नंबर 1800- 1800 -150 या कंट्रोल रूम नंबर 7355904833 व 8707219558 पर संपर्क कर सकते हैं।
उधर, जिला खाद्य वितरण अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि पहले दिन कोई किसान गेहूं बेचने नहीं आया, लेकिन इसी सप्ताह किसानों के आने की उम्मीद है।
टोकन रजिस्टर में 10 ने पंजीकरण कराया
चित्रकूट। शहर के गल्ला में विपणन शाखा का केंद्र खुला है जहां देखा गया कि जानकारी के लिए लगाया गया बैनर कार्यालय के अंदर लगा रहा। प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि पहले बाहर लगा था। हवा चलने के कारण गिर गया है। इसलिए अंदर लगा लिया है। कुछ देर बाद बाहर लगा दिया जाएगा। बताया कि पहले दिन कोई किसान गेहूं लेकर नहीं आया लेकिन दिए जाने वाले टोकन रजिस्टर में 10 ने पंजीकरण कराया है। जिसमें मोतीलाल धीरेंद्र सिंह, बाल कुमार गर्ग, नरेंद्र सिंह आदि है।
पहले दिन गेहूं बेचने कोई किसान नहीं पहुंचा
चित्रकूट। गल्लामंडी में खुले ही पीसीएफ केंद्र में प्रभारी सफाई करते नजर आए। यहां पहले दिन किसान जानकारी लेने के पहुंचे जरूर लेकिन पंजीकरण नहीं कराया। इतना जरूर है कि यहां पर केंद्र के बाहर बैनर लगा था। प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि हवा चलने के कारण धूल पड़ी है। जिसकी सफाई करा रहे हैं। कोई किसान पहले दिन गेहूं बेचने नहीं आया।
Trending Videos
इस वर्ष जिले में 35 केंद्र खोले गए हैं, जिनमें कर्वी तहसील में 14, मानिकपुर में पांच, राजापुर में सात और मऊ तहसील में नौ केंद्र शामिल हैं। इनके अलावा तीन मोबाइल क्रय केंद्र भी बनाए गए हैं। जिले में 16 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक करीब 1600 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सवा तीन लाख बोरियों की आवश्यकता है, जबकि केवल 85 हजार बोरियां ही उपलब्ध हैं। शेष बोरियां मंगाई गई हैं। खरीद प्रक्रिया ई-पॉस मशीन के माध्यम से की जा रही है, जिसमें किसानों को अंगूठा लगाना होगा। यदि अंगूठा नहीं लगा तो आँख स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। किसान टोल फ्री नंबर 1800- 1800 -150 या कंट्रोल रूम नंबर 7355904833 व 8707219558 पर संपर्क कर सकते हैं।
उधर, जिला खाद्य वितरण अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि पहले दिन कोई किसान गेहूं बेचने नहीं आया, लेकिन इसी सप्ताह किसानों के आने की उम्मीद है।
टोकन रजिस्टर में 10 ने पंजीकरण कराया
चित्रकूट। शहर के गल्ला में विपणन शाखा का केंद्र खुला है जहां देखा गया कि जानकारी के लिए लगाया गया बैनर कार्यालय के अंदर लगा रहा। प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि पहले बाहर लगा था। हवा चलने के कारण गिर गया है। इसलिए अंदर लगा लिया है। कुछ देर बाद बाहर लगा दिया जाएगा। बताया कि पहले दिन कोई किसान गेहूं लेकर नहीं आया लेकिन दिए जाने वाले टोकन रजिस्टर में 10 ने पंजीकरण कराया है। जिसमें मोतीलाल धीरेंद्र सिंह, बाल कुमार गर्ग, नरेंद्र सिंह आदि है।
पहले दिन गेहूं बेचने कोई किसान नहीं पहुंचा
चित्रकूट। गल्लामंडी में खुले ही पीसीएफ केंद्र में प्रभारी सफाई करते नजर आए। यहां पहले दिन किसान जानकारी लेने के पहुंचे जरूर लेकिन पंजीकरण नहीं कराया। इतना जरूर है कि यहां पर केंद्र के बाहर बैनर लगा था। प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि हवा चलने के कारण धूल पड़ी है। जिसकी सफाई करा रहे हैं। कोई किसान पहले दिन गेहूं बेचने नहीं आया।