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Deoria News: जेल में माताओं के साथ रह रहे पांच बच्चे...पढ़ाई का होगा प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:17 AM IST
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देवरिया। जिला कारागार में बुधवार को ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के तहत गठित संयुक्त निगरानी समिति ने व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागार में कुल पांच बच्चे रहते पाए गए। अपर जिलाधिकारी प्रेम नारायण सिंह ने संबंधित विभागों को शासनादेश के अनुसार नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान समिति ने कारागार में महिला बंदियों के साथ रह रहे 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के समग्र विकास और संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, देखरेख, मनोरंजन, मनोसामाजिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। यह निरीक्षण इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 22 जुलाई 2025 के आदेशों के अनुपालन में किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना भी तैयार की गई है।
संरक्षण अधिकारी ने बताया कि ऐसे बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से लाभान्वित करने का प्रावधान है। वहीं जेल अधीक्षक ने जानकारी दी कि बच्चों को शासन के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सीएमओ ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर पौष्टिक आहार और विटामिन उपलब्ध कराने की सलाह दी। खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चों को शिक्षा विभाग की योजनाओं से जोड़ने की बात कही, जबकि बाल विकास परियोजना अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनन्द कुमार पाण्डेय, सीएमओ डॉ. अनिल गुप्ता, जेल अधीक्षक आशीष रंजन झा, जेलर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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निरीक्षण अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान समिति ने कारागार में महिला बंदियों के साथ रह रहे 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के समग्र विकास और संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, देखरेख, मनोरंजन, मनोसामाजिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। यह निरीक्षण इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 22 जुलाई 2025 के आदेशों के अनुपालन में किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना भी तैयार की गई है।
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संरक्षण अधिकारी ने बताया कि ऐसे बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से लाभान्वित करने का प्रावधान है। वहीं जेल अधीक्षक ने जानकारी दी कि बच्चों को शासन के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सीएमओ ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर पौष्टिक आहार और विटामिन उपलब्ध कराने की सलाह दी। खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चों को शिक्षा विभाग की योजनाओं से जोड़ने की बात कही, जबकि बाल विकास परियोजना अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनन्द कुमार पाण्डेय, सीएमओ डॉ. अनिल गुप्ता, जेल अधीक्षक आशीष रंजन झा, जेलर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
