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UP: नौकरी का झांसा देकर युवतियों को बनाया बंधक, कराया जा रहा दूसरों को 'फंसाने' का काम, लड़कियों का खुलासा

Fri, 17 Jul 2026 02:02 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, बघौचघाट (देवरिया)
संवाद न्यूज एजेंसी, बघौचघाट (देवरिया) Published by: Akash Dubey Updated Fri, 17 Jul 2026 02:02 PM IST
सार

वाराणसी से छूटी गोपालगंज की युवतियों ने बताया कि देवरिया की 10-12 लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाकर साइबर ठगी कराई जा रही है। पुलिस जांच कर रही है।

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Held captive under pretext of a job young women being forced to commit cybercrimes
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के देवरिया जिले की 10-12 लड़कियों को बंधक बनाकर उनसे साइबर क्राइम कराया जा रहा है। कृषि से जुड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाई गई इन लड़कियों को अपराध के दलदल में धकेल दिया गया है। वाराणसी से साइबर अपराधियों के चंगुल से छूटकर पिछले दिनों आईं बिहार के गोपालगंज जिले की लड़कियों ने पुलिस की पूछताछ में यह सनसनीखेज जानकारी दी है।

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पिछले दिनों साइबर अपराधियों के चंगुल से वाराणसी से छूटकर आईं गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र की 21 युवतियों से वहां की पुलिस ने पूछताछ की है। उन युवतियों ने बताया है कि देवरिया और गोपालगंज जिले के बॉर्डर की कई ऐसी लड़कियां सक्रिय हैं जो ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों को अच्छी तनख्वाह का झांसा देकर फंसा रही हैं और साइबर अपराधियों के गिरोह तक पहुंचा रही हैं। देवरिया की भी 10-12 लड़कियां साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसी हुई हैं।

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भोरे थानाक्षेत्र की एक लड़की ने बताया है कि उसके गांव के आसपास की कई लड़कियां पहले से धंधेबाजों के चंगुल में हैं। ये लड़कियां यूपी-बिहार बॉर्डर क्षेत्र के गरीब और असहाय परिवारों की लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें वाराणसी, लखनऊ और दिल्ली समेत विभिन्न ठिकानों पर पहुंचाती हैं जहां उन्हें बंधक बनाकर साइबर अपराध कराया जाता है। इन लड़कियों से लोगों को फोन कराकर जालसाज साइबर ठगी को अंजाम देते हैं।

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मामले की जांच कर रहीं गोपालगंज के भोरे थाने की इंस्पेक्टर रोहिणी उपाध्याय ने बताया कि लड़कियों ने जो बयान दिए हैं, उसके आधार पर छानबीन की जा रही है। लड़कियों से तहरीर लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पीड़ित लड़कियों ने बताया है कि यूपी-बिहार के बॉर्डर क्षेत्र की कुछ लड़कियों ने ही संपर्क कर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। केस दर्ज होने के बाद छानबीन में देवरिया पुलिस की भी मदद ली जाएगी।

गांव की दो लड़कियां ले गई थीं अन्य को
साइबर अपराधियों के चंगुल से छूटी एक लड़की ने पुलिस को बताया है कि वह पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। एक माह पहले घर आने पर गांव की दो युवतियों ने वाराणसी में कृषि से जुड़ी एक कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव दिया था। वाराणसी पहुंचने पर नियुक्ति के लिए फॉर्म भरवाया गया और सिक्योरिटी के नाम पर 26 हजार रुपये नकद जमा कराए गए। इसके बाद अन्य युवतियों के साथ एक कमरे में रखा गया। आरोप है कि रोजाना सुबह कुछ गोलियां दी जाती थीं। इसके बाद उनको मनोवैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जाता था।

अभी बिहार पुलिस या किसी अन्य स्रोत से इस तरह के गैंग के सक्रिय होने की जानकारी नहीं मिली है। सर्किल के थानों से इस बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। अगर बिहार पुलिस संपर्क करती है या कोई शिकायतकर्ता लड़की सामने आती है, तो उसके आधार पर छानबीन कराई जाएगी। - मनोज कुमार, सीओ, भाटपार रानी

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