{"_id":"69adcd34c3fce5643f00f6e1","slug":"tanujs-suspension-could-expose-many-fraudulent-cases-deoria-news-c-208-1-deo1009-176521-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: तनुज के निलंबन के बाद उठ सकता है कई फर्जीवाड़ों से पर्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: तनुज के निलंबन के बाद उठ सकता है कई फर्जीवाड़ों से पर्दा
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:55 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक तनुज कुमार के निलंबन के बाद अब विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा है कि इस कार्रवाई के बाद एडेड स्कूलों में पिछले लंबे समय से चल रहे फर्जीवाड़ों और मनमानी से पर्दा उठ सकता है।
आरोपी लिपिक के पास ही एडेड जूनियर स्कूलों की अधिकांश विभागीय फाइलें रहती थीं। इन फाइलों की पड़ताल से अन्य स्कूलों में भी फर्जीवाड़ों की परतें बाहर आ सकती हैं। इसको लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक बीएसए दफ्तर में तनुज श्रीवास्तव के पास एडेड स्कूलों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण फाइलें उसी के पास रहती थीं। आरोप है कि वह इन मामलों को अपने खास तरीके से हैंडल करता था। नियमों को ताक पर रखकर फाइलों को आगे बढ़ाना या न बढ़ाना उसके हाथ में था। इसके कारण कई पात्र शिक्षक परेशान थे, तो वहीं अपात्रों को अनुचित लाभ मिलने की चर्चाएं आम हैं।
कृष्णमोहन सिंह की आत्महत्या के बाद जांच में सामने आया तनुज का नाम : इस पूरे प्रकरण में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के बाद तनुज श्रीवास्तव का नाम जांच के दौरान सामने आया है। जानकारी के अनुसार मृत शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो रिकार्डिंग में तनुज का नाम नहीं लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने जांच टीम को दिए अपने स्पष्टीकरण में तनुज का नाम लिया है। जिसमें कृष्णमोहन सिंह समेत तीन शिक्षकों के निस्तारण में देरी की एक वजह तनुज श्रीवास्तव की लेटलतीफी और फाइलों को प्रस्तुत नहीं करने की बात कही गई है। शिक्षक की आत्महत्या के समय एडेड स्कूलों का पटल संजीव सिंह के पास था। इससे जुलाई 25 तक यह पटल तनुज श्रीवास्तव के पास रहा था। संजीव सिंह के निलंबन के बाद पुन: तनुज को चार्ज मिल गया था।
पहले भी निलंबित हो चुका है तनुज श्रीवास्तव : एडेड स्कूलों के मामलों के गहरे जानकार माने जाने वाले तनुज श्रीवास्तव पहले भी यह पटल देखते रहे हैं। वर्ष 2018 में जनक लघु माध्यमिक विद्यालय माड़ीपुर पकड़ी के मामले में फर्जी दस्तावेज के जरिए नियुक्ति व वेतन भुगतान कर सरकारी धन के गबन के आरोप में तनुज श्रीवास्तव को निलंबित किया गया था। इस मामले में तत्कालीन बीएसए उपेंद्र कुमार, लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव व लेखाकार जनार्दन उपाध्याय भी निलंबित हुए थे। वहीं अगस्त 2018 में बीएसए संतोष देव पांडेय ने सलेमपुर कोतवाली में प्रबंधक, प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक समेत 17 पर प्राथमिकी दर्ज कराया था।
Trending Videos
आरोपी लिपिक के पास ही एडेड जूनियर स्कूलों की अधिकांश विभागीय फाइलें रहती थीं। इन फाइलों की पड़ताल से अन्य स्कूलों में भी फर्जीवाड़ों की परतें बाहर आ सकती हैं। इसको लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक बीएसए दफ्तर में तनुज श्रीवास्तव के पास एडेड स्कूलों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण फाइलें उसी के पास रहती थीं। आरोप है कि वह इन मामलों को अपने खास तरीके से हैंडल करता था। नियमों को ताक पर रखकर फाइलों को आगे बढ़ाना या न बढ़ाना उसके हाथ में था। इसके कारण कई पात्र शिक्षक परेशान थे, तो वहीं अपात्रों को अनुचित लाभ मिलने की चर्चाएं आम हैं।
कृष्णमोहन सिंह की आत्महत्या के बाद जांच में सामने आया तनुज का नाम : इस पूरे प्रकरण में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के बाद तनुज श्रीवास्तव का नाम जांच के दौरान सामने आया है। जानकारी के अनुसार मृत शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो रिकार्डिंग में तनुज का नाम नहीं लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने जांच टीम को दिए अपने स्पष्टीकरण में तनुज का नाम लिया है। जिसमें कृष्णमोहन सिंह समेत तीन शिक्षकों के निस्तारण में देरी की एक वजह तनुज श्रीवास्तव की लेटलतीफी और फाइलों को प्रस्तुत नहीं करने की बात कही गई है। शिक्षक की आत्महत्या के समय एडेड स्कूलों का पटल संजीव सिंह के पास था। इससे जुलाई 25 तक यह पटल तनुज श्रीवास्तव के पास रहा था। संजीव सिंह के निलंबन के बाद पुन: तनुज को चार्ज मिल गया था।
पहले भी निलंबित हो चुका है तनुज श्रीवास्तव : एडेड स्कूलों के मामलों के गहरे जानकार माने जाने वाले तनुज श्रीवास्तव पहले भी यह पटल देखते रहे हैं। वर्ष 2018 में जनक लघु माध्यमिक विद्यालय माड़ीपुर पकड़ी के मामले में फर्जी दस्तावेज के जरिए नियुक्ति व वेतन भुगतान कर सरकारी धन के गबन के आरोप में तनुज श्रीवास्तव को निलंबित किया गया था। इस मामले में तत्कालीन बीएसए उपेंद्र कुमार, लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव व लेखाकार जनार्दन उपाध्याय भी निलंबित हुए थे। वहीं अगस्त 2018 में बीएसए संतोष देव पांडेय ने सलेमपुर कोतवाली में प्रबंधक, प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक समेत 17 पर प्राथमिकी दर्ज कराया था।