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Deoria News: मटकोड़ में जेसीबी पर सवार होकर पहुंची दुल्हन
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:06 AM IST
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सलेमपुर। बदलते दौर के साथ अब शादी की रस्मों में भी नया रंग देखने को मिल रहा है। खुखुंदू थाना क्षेत्र के खखड़ी गांव में मटकोड़ रस्म चर्चा का विषय बन गई है।
यहां दुल्हन रागनी राजभर जेसीबी पर सवार होकर मटकोड़ के लिए निकलीं, जिसने पूरे गांव का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
बताया जा रहा है कि सुरेंद्र राजभर की बेटी रागनी की बरात आने से पहले हल्दी व मटकोड़ की रस्म पारंपरिक तरीके से न होकर आधुनिक अंदाज में निभाई गई।
दुल्हन अपनी मां सुदांती देवी, बुआ फुलमती और भाइयों भूषण, सुशन, पियूष, नितेश सहित पूरे परिवार के साथ सजी-धजी जेसीबी पर बैठकर निकलीं। जेसीबी को फूल-मालाओं से सजाकर दुल्हन का रथ बनाया गया था।
ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर परिवार के सदस्यों ने जमकर नृत्य किया। आगे-आगे हाथी और घोड़े चल रहे थे, वहीं पीछे जेसीबी पर सवार दुल्हन और महिलाएं ठुमके लगाती नजर आईं।
इस दौरान गांव के लोग बड़ी संख्या में इस अनोखी मटकोड़ 40को देखने के लिए उमड़ पड़े और मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इस तरह की मटकोड़ देखी है। वहीं परिजनों ने बताया कि चार भाइयों ने अपनी इकलौती बहन की शादी को खास और यादगार बनाने के लिए यह अनोखा आयोजन किया।
परंपरा और आधुनिकता के इस संगम की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है, जिसे बुजुर्गों ने भी सराहा है।
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यहां दुल्हन रागनी राजभर जेसीबी पर सवार होकर मटकोड़ के लिए निकलीं, जिसने पूरे गांव का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
बताया जा रहा है कि सुरेंद्र राजभर की बेटी रागनी की बरात आने से पहले हल्दी व मटकोड़ की रस्म पारंपरिक तरीके से न होकर आधुनिक अंदाज में निभाई गई।
दुल्हन अपनी मां सुदांती देवी, बुआ फुलमती और भाइयों भूषण, सुशन, पियूष, नितेश सहित पूरे परिवार के साथ सजी-धजी जेसीबी पर बैठकर निकलीं। जेसीबी को फूल-मालाओं से सजाकर दुल्हन का रथ बनाया गया था।
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ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर परिवार के सदस्यों ने जमकर नृत्य किया। आगे-आगे हाथी और घोड़े चल रहे थे, वहीं पीछे जेसीबी पर सवार दुल्हन और महिलाएं ठुमके लगाती नजर आईं।
इस दौरान गांव के लोग बड़ी संख्या में इस अनोखी मटकोड़ 40को देखने के लिए उमड़ पड़े और मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इस तरह की मटकोड़ देखी है। वहीं परिजनों ने बताया कि चार भाइयों ने अपनी इकलौती बहन की शादी को खास और यादगार बनाने के लिए यह अनोखा आयोजन किया।
परंपरा और आधुनिकता के इस संगम की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है, जिसे बुजुर्गों ने भी सराहा है।
