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Deoria News: तीन गांवों में बाढ़ का खतरा, जल पुलिस और गोताखोर तैनात
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देवरिया। तहसील क्षेत्र के तीन गांवों में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारी कर ली है। संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत-बचाव कार्य के लिए नाविकों के साथ गोताखोरों की भी तैनाती की गई है। इसके साथ ही जल पुलिस को भी लगाया गया है। संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और हालात पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है।
बरहज तहसील के गांव भदिला अब्बल, विशुनपुर देवार और परसिया देवार में हर साल बाढ़ का खतरा रहता है। बीते सालों में कई बार बाढ़ के समय इन गांवों को जाने वाले मार्ग कट गए और गांव का संपर्क कई क्षेत्रों से कट गया। इसे देखते हुए इस बार विशेष तैयारी की गई है। यहां जल पुलिस को तैनात किया गया है। खतरा जैसे-जैसे बढ़ेगा प्रशासन की सर्तकता और बढ़ती जाएगी। इस बार भी एहतियात के तौर पर नाविकों और गोताखोरों को तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया जा सके। अधिकारियों से कहा गया है कि क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखें और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल बता दें कि जिला प्रशासन ने मानसून से पहले बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों को लेकर विभागवार तैयारी कराई है। अप्रैल में हुई बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक में स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए मेडिकल टीम सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए थे। पशुओं के लिए भूसा और साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लटके व ढीले बिजली के तार ठीक कराने और तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष नजर रखने को कहा गया था। जिले में 12 नई बाढ़ निरोधी परियोजनाओं पर काम चलने की जानकारी भी बैठक में दी गई थी।
कोट
बरहज तहसील के तीन गांव हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। हालांकि इस बार अभी तक बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। लेकिन प्रशासन की ओर से तैयारी पूरी है।
रामशंकर, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
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बरहज तहसील के गांव भदिला अब्बल, विशुनपुर देवार और परसिया देवार में हर साल बाढ़ का खतरा रहता है। बीते सालों में कई बार बाढ़ के समय इन गांवों को जाने वाले मार्ग कट गए और गांव का संपर्क कई क्षेत्रों से कट गया। इसे देखते हुए इस बार विशेष तैयारी की गई है। यहां जल पुलिस को तैनात किया गया है। खतरा जैसे-जैसे बढ़ेगा प्रशासन की सर्तकता और बढ़ती जाएगी। इस बार भी एहतियात के तौर पर नाविकों और गोताखोरों को तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया जा सके। अधिकारियों से कहा गया है कि क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखें और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल बता दें कि जिला प्रशासन ने मानसून से पहले बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों को लेकर विभागवार तैयारी कराई है। अप्रैल में हुई बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक में स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए मेडिकल टीम सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए थे। पशुओं के लिए भूसा और साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लटके व ढीले बिजली के तार ठीक कराने और तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष नजर रखने को कहा गया था। जिले में 12 नई बाढ़ निरोधी परियोजनाओं पर काम चलने की जानकारी भी बैठक में दी गई थी।
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कोट
बरहज तहसील के तीन गांव हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। हालांकि इस बार अभी तक बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। लेकिन प्रशासन की ओर से तैयारी पूरी है।
रामशंकर, एडीएम वित्त एवं राजस्व।