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Etah News: मेडिकल कॉलेज में सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की शुरू हुई जांच
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मेडिकल कॉलेज के साइटोपैथोलॉजी लैब में सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की जांच करती डॉ. अंकिता शर्मा। संव
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एटा। मेडिकल कॉलेज में साइटोपैथॉलोजी लैब का संचालन पिछले साल कर दिया गया। इसमें कई तरह की जांच की जा रही है। कैंसर के साथ अन्य जांचें भी हो रही है। दिमागी बुखार के साथ अन्य बीमारी की जांच की जा रही है। यहां सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की भी जांच शुरू कर दी गई है। इससे मरीजों को काफी राहत मिलने लगी है।
मेडिकल कॉलेज के साइटो पैथोलॉजी लैब में पिछले सप्ताह एक डेढ़ साल के बच्चे को दिमागी बुखार था। काफी उपचार कराने के बाद भी उसे कोई फायदा नहीं मिल रहा था। उसे मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में भर्ती किया गया। बाद में बच्चे की सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड जांच कराई गई। रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद चिकित्सकों द्वारा उपचार किया गया। इसके बाद वर्तमान में उसकी हालात में सुधार हो चुका है।
साइटो पैथोलॉजी लैब की नोडल इंचार्ज डॉ. अंकिता शर्मा ने बताया कि लैब में सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की जांच शुरू हो चुकी है। सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड से दिमागी बुखार, दिमाग में ट्यूबर, ब्रेन हेमरेज, दिमाग में सूजन, संक्रमण, टीबी आदि की जांच शुरू करा दी गई है। इससे मरीजों को अन्य जिले में जाकर जांच कराने की आवश्यकता नहीं है।
निजी पैथोलॉजी पर 2 हजार रुपये तक की होती है जांच
डॉ. अंकिता शर्मा ने बताया कि सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की जांच मेडिकल कॉलेज में निशुल्क हो रही है। अगर किसी निजी पैथोलॉजी लैब पर इसकी जांच होती है तो मरीज 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। वहीं इसका उपचार भी मेडिकल कॉलेज में दिया जा रहा है।
सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड के लक्षण
- मरीज की गर्दन अकड़ना।
- मरीज को दौरे पड़ना।
- मरीज को दिमागी बुखार आना।
- खांसने व छींकने पर सिरदर्द तेजी से होना।
- दिमाग में थक्का जमना।
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मेडिकल कॉलेज के साइटो पैथोलॉजी लैब में पिछले सप्ताह एक डेढ़ साल के बच्चे को दिमागी बुखार था। काफी उपचार कराने के बाद भी उसे कोई फायदा नहीं मिल रहा था। उसे मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में भर्ती किया गया। बाद में बच्चे की सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड जांच कराई गई। रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद चिकित्सकों द्वारा उपचार किया गया। इसके बाद वर्तमान में उसकी हालात में सुधार हो चुका है।
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साइटो पैथोलॉजी लैब की नोडल इंचार्ज डॉ. अंकिता शर्मा ने बताया कि लैब में सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की जांच शुरू हो चुकी है। सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड से दिमागी बुखार, दिमाग में ट्यूबर, ब्रेन हेमरेज, दिमाग में सूजन, संक्रमण, टीबी आदि की जांच शुरू करा दी गई है। इससे मरीजों को अन्य जिले में जाकर जांच कराने की आवश्यकता नहीं है।
निजी पैथोलॉजी पर 2 हजार रुपये तक की होती है जांच
डॉ. अंकिता शर्मा ने बताया कि सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की जांच मेडिकल कॉलेज में निशुल्क हो रही है। अगर किसी निजी पैथोलॉजी लैब पर इसकी जांच होती है तो मरीज 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। वहीं इसका उपचार भी मेडिकल कॉलेज में दिया जा रहा है।
सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड के लक्षण
- मरीज की गर्दन अकड़ना।
- मरीज को दौरे पड़ना।
- मरीज को दिमागी बुखार आना।
- खांसने व छींकने पर सिरदर्द तेजी से होना।
- दिमाग में थक्का जमना।
