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Etah News: दंगल में दंगल, जिला केसरी के खिताब पर हुआ विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:39 PM IST
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दगंल के दौरान दाब पेच आजमाते पहलवान। संवाद
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एटा। राजकीय कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के तहत मंगलवार को विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ। दंगल में रोमांच के साथ हंगामा भी देखने को मिला। बाहरी जिलों से आए नामी पहलवानों ने अखाड़े में पसीना बहाया। खासकर कासगंज से आई बालिका पहलवानों की भिड़ंत देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
दंगल का शुभारंभ मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी ने फीता काटकर किया। दोपहर एक बजे शुरू हुए मुकाबलों में स्थानीय व बाहरी जिलों के 20 पहलवानों ने दांव-पेच दिखाए। कई मुकाबले कड़े संघर्ष के बाद बराबरी पर छूटे।
शाम होते-होते जिला केसरी के लिए फाइनल मुकाबले ने माहौल गर्मा दिया। शिवम मारहरा और शिवम कासगंज के बीच हुई अंतिम कुश्ती के दौरान कुछ दर्शकों ने आरोप लगाया कि कासगंज का पहलवान अपने आप को एटा का बताकर लड़ रहा है।
आरोपों के बीच ही विवाद बढ़ गया और अखाड़े में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ते देख दंगल संयोजक ने फैसले में बदलाव करते हुए विकास मारहरा को जिला केसरी घोषित कर दिया। इसी दौरान बसुंधरा खेड़ा के पहलवान आकाश ने संयोजक अवधेश पर बेईमानी का आरोप लगाया। आकाश का कहना था कि सेमीफाइनल में उसके साथ मुकाबला न कराकर शिवम मारहरा को सीधे फाइनल में भेज दिया गया। आकाश ने यह भी कहा कि मारहरा का पहलवान उसके साथ लड़ने का हकदार था लेकिन नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से परिणाम घोषित किए गए।
हंगामे के बीच आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने हालात संभालने का प्रयास किया। दंगल के दौरान उठे विवाद ने पूरे आयोजन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। जबकि दर्शकों ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे निर्णय खेल की भावना को आहत करते हैं। शीतलपुर ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र लोधी, रवि वर्मा, हरेंद्र राजपूत, कौशिक राजपूत, नवजोत सिंह, नरेश बाबू आदि रहे।
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दंगल का शुभारंभ मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी ने फीता काटकर किया। दोपहर एक बजे शुरू हुए मुकाबलों में स्थानीय व बाहरी जिलों के 20 पहलवानों ने दांव-पेच दिखाए। कई मुकाबले कड़े संघर्ष के बाद बराबरी पर छूटे।
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शाम होते-होते जिला केसरी के लिए फाइनल मुकाबले ने माहौल गर्मा दिया। शिवम मारहरा और शिवम कासगंज के बीच हुई अंतिम कुश्ती के दौरान कुछ दर्शकों ने आरोप लगाया कि कासगंज का पहलवान अपने आप को एटा का बताकर लड़ रहा है।
आरोपों के बीच ही विवाद बढ़ गया और अखाड़े में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ते देख दंगल संयोजक ने फैसले में बदलाव करते हुए विकास मारहरा को जिला केसरी घोषित कर दिया। इसी दौरान बसुंधरा खेड़ा के पहलवान आकाश ने संयोजक अवधेश पर बेईमानी का आरोप लगाया। आकाश का कहना था कि सेमीफाइनल में उसके साथ मुकाबला न कराकर शिवम मारहरा को सीधे फाइनल में भेज दिया गया। आकाश ने यह भी कहा कि मारहरा का पहलवान उसके साथ लड़ने का हकदार था लेकिन नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से परिणाम घोषित किए गए।
हंगामे के बीच आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने हालात संभालने का प्रयास किया। दंगल के दौरान उठे विवाद ने पूरे आयोजन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। जबकि दर्शकों ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे निर्णय खेल की भावना को आहत करते हैं। शीतलपुर ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र लोधी, रवि वर्मा, हरेंद्र राजपूत, कौशिक राजपूत, नवजोत सिंह, नरेश बाबू आदि रहे।

दगंल के दौरान दाब पेच आजमाते पहलवान। संवाद

दगंल के दौरान दाब पेच आजमाते पहलवान। संवाद
