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Etah News: धूलभरी आंधी के बाद बारिश, फसल को नुकसान
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धूल का गुबार- मौसम ने मंगलवार की शाम फिर से करवट बदली। बादलों के साथ तेज आंधी आई तो राहगीरों
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एटा। जिले में मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। पिछले कई दिनों से जारी आंधी बारिश के बाद मंगलवार को दोपहर बाद अचानक आई आंधी ने किसानों की फसल को और बर्बाद कर दिया है। फसल में 70 प्रतिशत तक नुकसान का अंदेशा है।
सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही रही जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिलते रहे। दोपहर के समय तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का अहसास हुआ मगर शाम को चार बजे करीब अचानक मौसम बदला और आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई। शहर ही नहीं आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बारिश ने माहौल बदल दिया। तेज हवा के झोंकों ने कई जगह पेड़ों की टहनियां गिरा दीं जबकि कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी भी चली। बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई जिससे कई मोहल्लों में बिजली सप्लाई बाधित रही।
अचानक कटौती होने से लोगों को अंधेरे और उमस में परेशानी से जूझना पड़ा। उधर, तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को चटख धूप के बीच तापमान बढ़ गया लेकिन दोपहर बाद आई गिरावट ने हवा में ठंडक घोल दी है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि फिलहाल यही बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। अवागढ़ मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि इस समय हुई बारिश किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि गेहूं की कटाई का समय चल रहा है ऐसे में खेतों में खड़ी फसल और कटकर पड़े गट्ठे बारिश से प्रभावित हो सकते हैं।
तंबाकू की फसल पर भी नमी का प्रतिकूल असर पड़ता है। कहा अगले 24 घंटों में भी हल्की से मध्यम बारिश व तेज हवा चलने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि कटे हुए गेहूं को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में पानी की निकासी व्यवस्था दुरुस्त कर लें। मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अनुरोध किया है कि तेज हवा और वर्षा के दौरान घरों में ही रहें खुले स्थानों और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
मौसम के इस बदलते रुख ने जहां आमजन को अचानक आई ठंडक का एहसास कराया है वहीं किसान परेशान और चिंतित दिखाई दे रहे हैं। सभी की निगाहें अब आने वाले 24 घंटों के मौसम पर टिकी हुई हैं।
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मिरहची में फसलों काे 40 प्रतिशत तक नुकसान
मिरहची। बेमौसम बारिश व तेज हवा ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार दोपहर हुई तेज गर्जना व हवा के साथ बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी हुई दोनों तरह की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। अनुमान है कि क्षेत्र में लगभग 40 से 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। पिछले तीन दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। लगातार बदलते मौसम के बीच मंगलवार को दोपहर बाद शुरू हुई बारिश रुक-रुककर शाम तक चलती रही। इससे गेहूं, सरसों व मसूर जैसी प्रमुख रबी की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की पहले से कटी हुई फसलें खेतों या खलिहान में भीग गईं जिससे नमी बढ़ने और अनाज में दीमक लगने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने कहा कि खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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खेतों में बड़ा नुकसान, कटी पड़ी फसल भी भीगी
सकीट/जलेसर/जैथरा। लगातार मौसम में हो रहे बदलाव ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार को दोपहर बाद आई आंधी और बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई जिससे नुकसान की आशंका गहरा गई है। कई जगहों पर बारिश का दौर देर तक जारी रहा जिससे किसानों में चिंता बनी हुई है। किसान प्रेम सिंह ने बताया कि सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। खराब मौसम को देखते हुए उन्होंने सावधानी बरतते हुए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखवा दिया था लेकिन लगातार हो रही बारिश से फसल को नुकसान का डर अभी भी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि बारिश के चलते गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है वहीं भीगने के बाद गेहूं में काला पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है।
जलेसर में धूल भरी आंधी ने कटी पड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया वहीं बारिश ने फसलों को भिगा दिया। लगातार मौसम बदलाव से किसान फसलों के बड़े नुकसान की आशंका जता रहे हैं। किसान वीरेश पाल का कहना है कि पहली बारिश में फसल भीग गई थी। खेतों में कटी पड़ी फसल को सुखा दिया गया। लगातार हो रही बारिश से अब फसल काली पड़ने लगी है। जिससे गेहूं की गुणवत्ता भी खराब होने लगी है गेहूं बिक्री कैसे होगी जिला प्रशासन से अपील है कि सर्वे कराकर फसलों के हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए जिससे किसान बर्बाद होने से बच सके।
जैथरा में मंगलवार शाम हुई बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी। आंधी के बाद आई बारिश से बचाव के लिए लोग इधर-उधर छिपते दिखे। किसान अशोक कुमार ने बताया कि शाम के समय हर दूसरे दिन हो रही बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर सीधे संकट खड़ा कर दिया है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है उनके पूरे खेतों में गेहूं भीगने से दाना काला पड़ने लगा है। इससे उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ बाजार में कीमत भी घटने की आशंका है। किसानों को पशुओं के लिए भूसे की कमी का भी डर सताने लगा है।
खेत किराये पर लेकर सरसों व गेहूं की फसल की बोआई की थी। इसमें सरसों की फसल तो काट ली लेकिन गेहूं की फसल की कटाई नहीं कर पाये हैं। तेज हवा के साथ बारिश होने से फसल बिछ गई है। -किसान मटरू, मिरहची
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पांच बीघा में गेहूं की फसल की बोआई की है। अभी फसल की कटाई नहीं कर पाये कुछ खेत में कटी हुई पड़ी है। कटाई का कार्य भी पिछड़ रहा है। यही हाल रहा तो इस बार किसान कहीं का नहीं रहेगा। -कमलेश कुमार, मिरहची
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सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही रही जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिलते रहे। दोपहर के समय तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का अहसास हुआ मगर शाम को चार बजे करीब अचानक मौसम बदला और आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई। शहर ही नहीं आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बारिश ने माहौल बदल दिया। तेज हवा के झोंकों ने कई जगह पेड़ों की टहनियां गिरा दीं जबकि कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी भी चली। बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई जिससे कई मोहल्लों में बिजली सप्लाई बाधित रही।
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अचानक कटौती होने से लोगों को अंधेरे और उमस में परेशानी से जूझना पड़ा। उधर, तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को चटख धूप के बीच तापमान बढ़ गया लेकिन दोपहर बाद आई गिरावट ने हवा में ठंडक घोल दी है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि फिलहाल यही बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। अवागढ़ मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि इस समय हुई बारिश किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि गेहूं की कटाई का समय चल रहा है ऐसे में खेतों में खड़ी फसल और कटकर पड़े गट्ठे बारिश से प्रभावित हो सकते हैं।
तंबाकू की फसल पर भी नमी का प्रतिकूल असर पड़ता है। कहा अगले 24 घंटों में भी हल्की से मध्यम बारिश व तेज हवा चलने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि कटे हुए गेहूं को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में पानी की निकासी व्यवस्था दुरुस्त कर लें। मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अनुरोध किया है कि तेज हवा और वर्षा के दौरान घरों में ही रहें खुले स्थानों और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
मौसम के इस बदलते रुख ने जहां आमजन को अचानक आई ठंडक का एहसास कराया है वहीं किसान परेशान और चिंतित दिखाई दे रहे हैं। सभी की निगाहें अब आने वाले 24 घंटों के मौसम पर टिकी हुई हैं।
मिरहची में फसलों काे 40 प्रतिशत तक नुकसान
मिरहची। बेमौसम बारिश व तेज हवा ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार दोपहर हुई तेज गर्जना व हवा के साथ बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी हुई दोनों तरह की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। अनुमान है कि क्षेत्र में लगभग 40 से 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। पिछले तीन दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। लगातार बदलते मौसम के बीच मंगलवार को दोपहर बाद शुरू हुई बारिश रुक-रुककर शाम तक चलती रही। इससे गेहूं, सरसों व मसूर जैसी प्रमुख रबी की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की पहले से कटी हुई फसलें खेतों या खलिहान में भीग गईं जिससे नमी बढ़ने और अनाज में दीमक लगने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने कहा कि खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाए।
खेतों में बड़ा नुकसान, कटी पड़ी फसल भी भीगी
सकीट/जलेसर/जैथरा। लगातार मौसम में हो रहे बदलाव ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार को दोपहर बाद आई आंधी और बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई जिससे नुकसान की आशंका गहरा गई है। कई जगहों पर बारिश का दौर देर तक जारी रहा जिससे किसानों में चिंता बनी हुई है। किसान प्रेम सिंह ने बताया कि सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। खराब मौसम को देखते हुए उन्होंने सावधानी बरतते हुए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखवा दिया था लेकिन लगातार हो रही बारिश से फसल को नुकसान का डर अभी भी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि बारिश के चलते गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है वहीं भीगने के बाद गेहूं में काला पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है।
जलेसर में धूल भरी आंधी ने कटी पड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया वहीं बारिश ने फसलों को भिगा दिया। लगातार मौसम बदलाव से किसान फसलों के बड़े नुकसान की आशंका जता रहे हैं। किसान वीरेश पाल का कहना है कि पहली बारिश में फसल भीग गई थी। खेतों में कटी पड़ी फसल को सुखा दिया गया। लगातार हो रही बारिश से अब फसल काली पड़ने लगी है। जिससे गेहूं की गुणवत्ता भी खराब होने लगी है गेहूं बिक्री कैसे होगी जिला प्रशासन से अपील है कि सर्वे कराकर फसलों के हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए जिससे किसान बर्बाद होने से बच सके।
जैथरा में मंगलवार शाम हुई बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी। आंधी के बाद आई बारिश से बचाव के लिए लोग इधर-उधर छिपते दिखे। किसान अशोक कुमार ने बताया कि शाम के समय हर दूसरे दिन हो रही बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर सीधे संकट खड़ा कर दिया है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है उनके पूरे खेतों में गेहूं भीगने से दाना काला पड़ने लगा है। इससे उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ बाजार में कीमत भी घटने की आशंका है। किसानों को पशुओं के लिए भूसे की कमी का भी डर सताने लगा है।
खेत किराये पर लेकर सरसों व गेहूं की फसल की बोआई की थी। इसमें सरसों की फसल तो काट ली लेकिन गेहूं की फसल की कटाई नहीं कर पाये हैं। तेज हवा के साथ बारिश होने से फसल बिछ गई है। -किसान मटरू, मिरहची
पांच बीघा में गेहूं की फसल की बोआई की है। अभी फसल की कटाई नहीं कर पाये कुछ खेत में कटी हुई पड़ी है। कटाई का कार्य भी पिछड़ रहा है। यही हाल रहा तो इस बार किसान कहीं का नहीं रहेगा। -कमलेश कुमार, मिरहची