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Etah News: सत्याग्रह आंदोलन के जिले के पहले जेल यात्री थे होतीलाल दास
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शिकोहाबाद मार्ग तिराहे पर स्थापित होती लाल दास की प्रतिमा। संवाद
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एटा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय होतीलाल दास सत्याग्रह आंदाेलन के जिले के पहले जेल यात्री थे। आजादी की जंग में अंग्रेजों का मुखर विरोध करते हुए वह कई बार जेल गए। एक जून 1930 को उनको छह माह की सजा और 400 रुपये का जुर्माना सुनाया गया।
अंग्रेजों की हुकूमत की जड़ें हिला देने पर वर्ष 1932 में उनको एक बार पुन: गिरफ्तार किया गया। 9 अप्रैल 1932 को एक वर्ष की सजा और 100 रुपये का जुर्माना सुनाया गया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान था। होतीलाल दास का जन्म 30 अगस्त 1902 को शहर के एक प्रमुख वैश्य व्यावसायी परिवार में हुआ था। जिले के प्रमुख व्यावसायी परिवार से होने पर भी उन्होंने व्यापार संभालने की बजाए आजादी की जंग में कूद पड़े। स्वतंत्रता की लड़ाई में उनकी धर्मपत्नी सावित्री देवी ने भी दिया और वह एक बार उनके साथ जेल भी गई। 72 वर्ष की अवस्था में वर्ष 1974 में उनका निधन हो गया था।
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एटा से पहले विधायक और चेयरमैन रहे
आजादी के बाद होतीलाल दास वर्ष 1948-50 और 1950-52 तक दो बार एमएलसी रहे। इसके बाद पहली बार वर्ष 1952 में हुए विधानसभा चुनाव में वह एटा सदर से विधायक चुने गए। होतीलाल दास नगर पालिका परिषद के दो बार अध्यक्ष भी रहे।
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प्रतिमा की बेकदरी पर द्रवित हुई उनकी पुत्रवधू
आजादी की जंग में अहम भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय होतीलाल दास की बुधवार को पुण्यतिथि थी। शिकोहाबाद रोड तिराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंची उनकी पुत्रवधू राजश्री दास प्रतिमा की बेकदरी देख व्यथित हो उठीं। उन्होंने कहा पिछली बार भी कहने पर प्रतिमा की साफ-सफाई कराई गई थी। उनकी प्रतिमा की स्थापना पूर्व पालिकाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा ने कराई थी। जिसका अनावरण पूर्व रक्षा मंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने 17 मई 2001 को किया था। उस समय प्रतिमा के ऊपर छतरी थी जो अब नहीं है। वर्ष 2010-11 में पूर्व पालिकाध्यक्ष कंचन गुप्ता अड़ंगा ने इसका जीर्णोद्धार कराया था।
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अब सिर्फ यादें रह गई दास परिवार की
होतीलाल दास के दो पुत्र दिनेश दास और विनोद दास थे। जीटी रोड निवासी दास परिवार की जिले में हनक थी। विनोद दास का भी निधन हो चुका है, उनकी दो बेटियां पेट्रोल पंप का व्यापार संभालती हैं। दिनेश दास परिवार सहित नोएडा में शिफ्ट हो चुके हैं।
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गांधी और नेहरू एटा आए थे दासजी के बुलावे पर
वर्ष 2008 में हुई मुलाकात में उनके पुत्र विनोद दास ने बताया था कि उनके पिता होतीलाल दास की आजादी की जंग में अग्रणी भूमिका रही थी। स्वदेशी आंदोलन में उनके बुलावे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एटा आए थे। उस समय घंटाघर पर विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई थी। आजादी की जंग के समय पं. जवाहर लाल नेहरू भी आए थे। उस समय उन्होंने झंडा चौक पर तिरंगा फहराया था। जीटी रोड पर गांधी मार्केट तिराहे को झंडा चौक कहा जाता था जो आज भी नगर पालिका के अभिलेख में झंडा चौक के नाम से दर्ज है।
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अंग्रेजों की हुकूमत की जड़ें हिला देने पर वर्ष 1932 में उनको एक बार पुन: गिरफ्तार किया गया। 9 अप्रैल 1932 को एक वर्ष की सजा और 100 रुपये का जुर्माना सुनाया गया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान था। होतीलाल दास का जन्म 30 अगस्त 1902 को शहर के एक प्रमुख वैश्य व्यावसायी परिवार में हुआ था। जिले के प्रमुख व्यावसायी परिवार से होने पर भी उन्होंने व्यापार संभालने की बजाए आजादी की जंग में कूद पड़े। स्वतंत्रता की लड़ाई में उनकी धर्मपत्नी सावित्री देवी ने भी दिया और वह एक बार उनके साथ जेल भी गई। 72 वर्ष की अवस्था में वर्ष 1974 में उनका निधन हो गया था।
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एटा से पहले विधायक और चेयरमैन रहे
आजादी के बाद होतीलाल दास वर्ष 1948-50 और 1950-52 तक दो बार एमएलसी रहे। इसके बाद पहली बार वर्ष 1952 में हुए विधानसभा चुनाव में वह एटा सदर से विधायक चुने गए। होतीलाल दास नगर पालिका परिषद के दो बार अध्यक्ष भी रहे।
प्रतिमा की बेकदरी पर द्रवित हुई उनकी पुत्रवधू
आजादी की जंग में अहम भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय होतीलाल दास की बुधवार को पुण्यतिथि थी। शिकोहाबाद रोड तिराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंची उनकी पुत्रवधू राजश्री दास प्रतिमा की बेकदरी देख व्यथित हो उठीं। उन्होंने कहा पिछली बार भी कहने पर प्रतिमा की साफ-सफाई कराई गई थी। उनकी प्रतिमा की स्थापना पूर्व पालिकाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा ने कराई थी। जिसका अनावरण पूर्व रक्षा मंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने 17 मई 2001 को किया था। उस समय प्रतिमा के ऊपर छतरी थी जो अब नहीं है। वर्ष 2010-11 में पूर्व पालिकाध्यक्ष कंचन गुप्ता अड़ंगा ने इसका जीर्णोद्धार कराया था।
अब सिर्फ यादें रह गई दास परिवार की
होतीलाल दास के दो पुत्र दिनेश दास और विनोद दास थे। जीटी रोड निवासी दास परिवार की जिले में हनक थी। विनोद दास का भी निधन हो चुका है, उनकी दो बेटियां पेट्रोल पंप का व्यापार संभालती हैं। दिनेश दास परिवार सहित नोएडा में शिफ्ट हो चुके हैं।
गांधी और नेहरू एटा आए थे दासजी के बुलावे पर
वर्ष 2008 में हुई मुलाकात में उनके पुत्र विनोद दास ने बताया था कि उनके पिता होतीलाल दास की आजादी की जंग में अग्रणी भूमिका रही थी। स्वदेशी आंदोलन में उनके बुलावे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एटा आए थे। उस समय घंटाघर पर विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई थी। आजादी की जंग के समय पं. जवाहर लाल नेहरू भी आए थे। उस समय उन्होंने झंडा चौक पर तिरंगा फहराया था। जीटी रोड पर गांधी मार्केट तिराहे को झंडा चौक कहा जाता था जो आज भी नगर पालिका के अभिलेख में झंडा चौक के नाम से दर्ज है।