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Etah News: एटा–कासगंज रेल विस्तार परियोजना में 16 गांवों से ली जाएगी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 08 Mar 2026 12:03 AM IST
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एटा। एटा–कासगंज रेल लाइन विस्तार परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रेलवे ट्रैक विस्तार के लिए जिले के 16 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। प्रशासन की योजना के अनुसार अप्रैल माह से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए तहसील स्तर पर सर्किल रेट की सूची तैयार की जा रही है, ताकि किसानों को उचित मुआवजा निर्धारित किया जा सके।
रेलवे परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें और सर्वे कार्य चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि 26 मई को प्रस्तावित निविदा खुलने से पहले भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी के चलते अधिग्रहण से जुड़े सभी कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं।
भूमि अधिग्रहण से पहले विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें जमीन का मूल्यांकन करने में जुटी हुई हैं। इस कार्य में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, रेलवे, राजस्व विभाग और नलकूप विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीमें अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के साथ-साथ उस पर मौजूद मकानों, ट्यूबवेल, बोरिंग, पेड़ों और अन्य स्थायी संसाधनों का भी आकलन कर रही हैं, ताकि मुआवजा तय करने में किसी प्रकार की समस्या न आए।
प्रशासन की ओर से किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। संबंधित क्षेत्र के लेखपाल किसानों की भूमि का विवरण और मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके आधार पर मुआवजे की पत्रावलियां तैयार कराई जाएंगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किसानों को मुआवजे की धनराशि चेक या ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में सरकारी और निजी जमीनों पर बने मकान, ट्यूबवेल, बोरिंग तथा अन्य निर्माणों का सर्वे और मूल्यांकन कार्य तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही सर्किल रेट का निर्धारण भी अंतिम चरण में है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, अप्रैल से अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
एटा–कासगंज रेल विस्तार परियोजना को जिले के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके पूरा होने से क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर होगा और लोगों को आवागमन के साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी सुविधा मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को तय समय में पूरा कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
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रेलवे परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें और सर्वे कार्य चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि 26 मई को प्रस्तावित निविदा खुलने से पहले भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी के चलते अधिग्रहण से जुड़े सभी कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं।
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भूमि अधिग्रहण से पहले विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें जमीन का मूल्यांकन करने में जुटी हुई हैं। इस कार्य में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, रेलवे, राजस्व विभाग और नलकूप विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीमें अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के साथ-साथ उस पर मौजूद मकानों, ट्यूबवेल, बोरिंग, पेड़ों और अन्य स्थायी संसाधनों का भी आकलन कर रही हैं, ताकि मुआवजा तय करने में किसी प्रकार की समस्या न आए।
प्रशासन की ओर से किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। संबंधित क्षेत्र के लेखपाल किसानों की भूमि का विवरण और मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके आधार पर मुआवजे की पत्रावलियां तैयार कराई जाएंगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किसानों को मुआवजे की धनराशि चेक या ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में सरकारी और निजी जमीनों पर बने मकान, ट्यूबवेल, बोरिंग तथा अन्य निर्माणों का सर्वे और मूल्यांकन कार्य तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही सर्किल रेट का निर्धारण भी अंतिम चरण में है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, अप्रैल से अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
एटा–कासगंज रेल विस्तार परियोजना को जिले के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके पूरा होने से क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर होगा और लोगों को आवागमन के साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी सुविधा मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को तय समय में पूरा कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
