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Etah News: उमस में बढ़ रहा लोगों का रक्तचाप, शुगर संतुलन भी बिगड़ा
Sat, 11 Jul 2026 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 11 Jul 2026 10:50 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में रक्तचाप व शुगर की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
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एटा। उमस भरी गर्मी में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मधुमेह और रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को रक्तचाप व शुगर के करीब 130 मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया। इसके साथ ही मरीजों को सावधानी बरतने के सुझाव भी दिए गए।
मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में शनिवार को 130 मरीजों को उपचार दिया गया। इस दौरान 35 से अधिक आयु के लोगों में रक्तचाप बढ़ने की समस्या देखी गई। वहीं 55 साल से अधिक उम्र के लोगों में शुगर की भी समस्या मिली। डॉ. चेतन चौहान ने बताया कि गर्मी में अक्सर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसका सीधा असर मधुमेह और रक्तचाप वाले मरीजों पर पड़ता है। ऐसे में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (ऐसे मिनरल जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं) का संतुलन बिगड़ने से यह स्थिति हो जाती है। उन्होंने नियमित रूप से तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी। बोले जल्दी सोने और जल्दी जागने की आदत लोगों को डालनी चाहिए। तेज कदमों से टहलने से रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखने में फायदा मिलेगा।
इन बातों का रखें ख्यालः
- खूब पानी पीएं, नींबू का जूस भी लें।
- मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
- सत्तू पीएं, बिना नमक या चीनी के भी इसे पी सकते हैं।
- हल्का और औसत गर्म भोजन करें।
- सुबह के समय नियमित हल्के व्यायाम, योग करें।
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गर्मी-उमस से हिंसक हुए कुत्ते-बंदर, रोजाना 150 को दे रहे जख्म
फोटो-2
मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में हुई वृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। कुत्ते और बंदर इन दिनों हिंसक हो गए हैं। उमस भरी गर्मी को इसकी वजह बताया जा रहा है। हर रोज 150 तक लोगों को ये जख्म दे रहे हैं। शहर के मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज के टीके लगवाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। शनिवार को 150 से अधिक लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई, जबकि पिछले महीने तक यह संख्या प्रतिदिन 100 से कम थी।
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अरुणा नगर, होली मोहल्ला, किदवई नगर समेत कई मोहल्लों में कुत्ते व बंदरों की संख्या काफी बढ़ गई है। निराश्रित जानवर जहां भूख की वजह से चिड़चिड़े हो रहे हैं, वहीं इन दिनों की गर्मी व उमस उन्हें और हिंसक बना रही है। सीवीओ आरपी शर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में बंदरों के लिए ठिकाने नहीं बचते हैं जिसकी वजह से वे उग्र हो जाते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं। वहीं, गर्मी व उमस अधिक होने की वजह से कुत्ते उग्र हो जाते हैं।
बचाव के लिए करें ये उपाय
- निराश्रित कुत्तों-बंदरों को खाने की चीजें डालते रहें।
- झुंड में निकलने वाले बंदरों से बचकर रहें।
- बाइक पर चलते समय कुत्ता पीछा करें तो तुरंत वहीं रुक जाएं।
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मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में शनिवार को 130 मरीजों को उपचार दिया गया। इस दौरान 35 से अधिक आयु के लोगों में रक्तचाप बढ़ने की समस्या देखी गई। वहीं 55 साल से अधिक उम्र के लोगों में शुगर की भी समस्या मिली। डॉ. चेतन चौहान ने बताया कि गर्मी में अक्सर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसका सीधा असर मधुमेह और रक्तचाप वाले मरीजों पर पड़ता है। ऐसे में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (ऐसे मिनरल जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं) का संतुलन बिगड़ने से यह स्थिति हो जाती है। उन्होंने नियमित रूप से तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी। बोले जल्दी सोने और जल्दी जागने की आदत लोगों को डालनी चाहिए। तेज कदमों से टहलने से रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखने में फायदा मिलेगा।
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इन बातों का रखें ख्यालः
- खूब पानी पीएं, नींबू का जूस भी लें।
- मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
- सत्तू पीएं, बिना नमक या चीनी के भी इसे पी सकते हैं।
- हल्का और औसत गर्म भोजन करें।
- सुबह के समय नियमित हल्के व्यायाम, योग करें।
गर्मी-उमस से हिंसक हुए कुत्ते-बंदर, रोजाना 150 को दे रहे जख्म
फोटो-2
मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में हुई वृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। कुत्ते और बंदर इन दिनों हिंसक हो गए हैं। उमस भरी गर्मी को इसकी वजह बताया जा रहा है। हर रोज 150 तक लोगों को ये जख्म दे रहे हैं। शहर के मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज के टीके लगवाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। शनिवार को 150 से अधिक लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई, जबकि पिछले महीने तक यह संख्या प्रतिदिन 100 से कम थी।
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अरुणा नगर, होली मोहल्ला, किदवई नगर समेत कई मोहल्लों में कुत्ते व बंदरों की संख्या काफी बढ़ गई है। निराश्रित जानवर जहां भूख की वजह से चिड़चिड़े हो रहे हैं, वहीं इन दिनों की गर्मी व उमस उन्हें और हिंसक बना रही है। सीवीओ आरपी शर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में बंदरों के लिए ठिकाने नहीं बचते हैं जिसकी वजह से वे उग्र हो जाते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं। वहीं, गर्मी व उमस अधिक होने की वजह से कुत्ते उग्र हो जाते हैं।
बचाव के लिए करें ये उपाय
- निराश्रित कुत्तों-बंदरों को खाने की चीजें डालते रहें।
- झुंड में निकलने वाले बंदरों से बचकर रहें।
- बाइक पर चलते समय कुत्ता पीछा करें तो तुरंत वहीं रुक जाएं।