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Etah News: एनएचएआई की अनदेखी से नेशनल हाईवे-34 पर गड्ढे
Sat, 11 Jul 2026 10:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 11 Jul 2026 10:51 PM IST
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एनएच 34 पर बारिश की वजह से ऊंची-नीची हुई सड़क। संवाद
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एटा। राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर एनएचएआई की निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले से गुजरने वाले करीब 44 किलोमीटर लंबे हाईवे पर एआरटीओ कार्यालय से लेकर मलावन तक कई स्थानों पर सड़क की सतह उखड़ गई है। जगह-जगह बने छोटे लेकिन गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
बारिश के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। कई स्थानों पर डामरीकरण पूरी तरह उखड़ चुका है, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या गड्ढों से बचने के लिए वाहन मोड़ना पड़ता। गांव सेंथरी निवासी राकेश का कहना है कि रात के समय या तेज बारिश में ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। हैरानी की बात यह है कि हाईवे के कुछ हिस्सों पर हाल ही में रखरखाव कर रही कंपनी पीएनसी की ओर से मरम्मत कार्य कराया गया था। लेकिन पहली ही अच्छी बारिश में सड़क की परत उखड़ गई और गड्ढे फिर से उभर आए। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और निर्माण सामग्री के मानकों पर सवाल उठ रहे हैं।
एनएच-34 एटा को पश्चिम में अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, दिल्ली और पूर्व में मैनपुरी, कन्नौज व कानपुर जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच सड़क पर बने गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। वाहन चालक रंजीत सिंह निवासी कुरावली का कहना है कि समय रहते स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
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मरम्मत का कार्य चल रहा है। बारिश की वजह से कहीं-कहीं गड्ढे हो गए हैं, उनको भरवाया जा रहा है। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर व बीच में जो संकेतक किसी कारणवश क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उनको भी सही कराया जा रहा है। सड़क सुरक्षा के लिए हम लगातार बेहतर प्रयास कर रहे हैं। - इंद्रेश कुमार, पीडी एनएचएआई अलीगढ़
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बारिश के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। कई स्थानों पर डामरीकरण पूरी तरह उखड़ चुका है, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या गड्ढों से बचने के लिए वाहन मोड़ना पड़ता। गांव सेंथरी निवासी राकेश का कहना है कि रात के समय या तेज बारिश में ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। हैरानी की बात यह है कि हाईवे के कुछ हिस्सों पर हाल ही में रखरखाव कर रही कंपनी पीएनसी की ओर से मरम्मत कार्य कराया गया था। लेकिन पहली ही अच्छी बारिश में सड़क की परत उखड़ गई और गड्ढे फिर से उभर आए। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और निर्माण सामग्री के मानकों पर सवाल उठ रहे हैं।
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एनएच-34 एटा को पश्चिम में अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, दिल्ली और पूर्व में मैनपुरी, कन्नौज व कानपुर जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच सड़क पर बने गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। वाहन चालक रंजीत सिंह निवासी कुरावली का कहना है कि समय रहते स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
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मरम्मत का कार्य चल रहा है। बारिश की वजह से कहीं-कहीं गड्ढे हो गए हैं, उनको भरवाया जा रहा है। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर व बीच में जो संकेतक किसी कारणवश क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उनको भी सही कराया जा रहा है। सड़क सुरक्षा के लिए हम लगातार बेहतर प्रयास कर रहे हैं। - इंद्रेश कुमार, पीडी एनएचएआई अलीगढ़

एनएच 34 पर बारिश की वजह से ऊंची-नीची हुई सड़क। संवाद