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Etah News: बेटे की माैत के गम में पिता ने भी दम तोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:45 AM IST
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मकसूदपुर गांव में पिता पुत्र की मौत के बाद घर पर बैठे लोग। । संवाद
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जलेसर। गांव मकसूदपुर में पुत्र की मौत के गम में पिता ने भी दम तोड़ दिया। ईद पर एक साथ दोनों की मौत क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ईद पर दोनों का जनाजा एक साथ निकला तो हर आंख नम हो गई।
मकसूदपुर गांव के रफीक खां (70) लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। किडनी फेल होने पर वह आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। जानकारी पर मुंबई में रह रहा उनका बेटा जकील (40) कुछ दिन पहले आगरा आ गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर ईद की वजह से 19 मार्च को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर पिता को गांव ले आया। गांव आने पर 19 मार्च की रात को अचानक जकील के सीने में तेज दर्द उठा, इस पर गांव में दवा ली गई। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग जकील को लेकर कस्बे के अस्पताल पहुंचे तो यहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजन रात में ही जकील का शव लेकर घर पहुंच गए। जवान बेटे की मौत का सदमा बीमार रफीक सहन नहीं कर सका और 20 मार्च दोपहर दम तोड़ दिया। पिता-पुत्र की मौत से गांव में खलबली मच गई। परिजन रिश्तेदार शोक संवेदना व्यक्त करने मकसूदपुर पहुंचने लगे। मुंबई से जकील के परिजन आने पर ईद पर शनिवार दोपहर को पिता-पुत्र को दफन किया गया।
पिता और दादा का साया एक साथ उठने से बच्चे बेहाल
जकील मुंबई में रहकर सिलाई का काम करता था, उसकी पत्नी, तीन बेटी और दो बेटे साथ मुंबई रहते हैं। जकील की मौत की खबर मिलने पर गांव आने के लिए मुंबई से रवाना हो लिए थे। रास्ते में दादा की मौत ने उनको झकझोर दिया। पिता-दादा का साया उठने से बच्चे बेहाल हैं, अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है क्योंकि जकील ही कमाने वाले थे बाकी सभी बच्चे पढ़ रहे थे।
गमगीन माहौल में अदा हुई ईद की नमाज
गांव मकसूदपुर में मुस्लिम धर्म के लोगों की खासी संख्या है। पिता-पुत्र की मौत से गांव सहित आसपास के गांव में भी गम का माहौल हो गया। ईद पर पिता-पुत्र को दफन किए जाने पर गमगीन माहौल में ईद की नमाज अदा की गई।
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मकसूदपुर गांव के रफीक खां (70) लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। किडनी फेल होने पर वह आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। जानकारी पर मुंबई में रह रहा उनका बेटा जकील (40) कुछ दिन पहले आगरा आ गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर ईद की वजह से 19 मार्च को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर पिता को गांव ले आया। गांव आने पर 19 मार्च की रात को अचानक जकील के सीने में तेज दर्द उठा, इस पर गांव में दवा ली गई। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग जकील को लेकर कस्बे के अस्पताल पहुंचे तो यहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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परिजन रात में ही जकील का शव लेकर घर पहुंच गए। जवान बेटे की मौत का सदमा बीमार रफीक सहन नहीं कर सका और 20 मार्च दोपहर दम तोड़ दिया। पिता-पुत्र की मौत से गांव में खलबली मच गई। परिजन रिश्तेदार शोक संवेदना व्यक्त करने मकसूदपुर पहुंचने लगे। मुंबई से जकील के परिजन आने पर ईद पर शनिवार दोपहर को पिता-पुत्र को दफन किया गया।
पिता और दादा का साया एक साथ उठने से बच्चे बेहाल
जकील मुंबई में रहकर सिलाई का काम करता था, उसकी पत्नी, तीन बेटी और दो बेटे साथ मुंबई रहते हैं। जकील की मौत की खबर मिलने पर गांव आने के लिए मुंबई से रवाना हो लिए थे। रास्ते में दादा की मौत ने उनको झकझोर दिया। पिता-दादा का साया उठने से बच्चे बेहाल हैं, अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है क्योंकि जकील ही कमाने वाले थे बाकी सभी बच्चे पढ़ रहे थे।
गमगीन माहौल में अदा हुई ईद की नमाज
गांव मकसूदपुर में मुस्लिम धर्म के लोगों की खासी संख्या है। पिता-पुत्र की मौत से गांव सहित आसपास के गांव में भी गम का माहौल हो गया। ईद पर पिता-पुत्र को दफन किए जाने पर गमगीन माहौल में ईद की नमाज अदा की गई।